कानपुर (नारायण शुक्ला)

आश्रम पर आधिपत्य के विवाद के बीच डॉ. रेनू तिवारी ने राष्ट्रीय महिला आयोग को ई-मेल के जरिये शिकायत भेजी है। दो जून को भेजे गए इस ई-मेल में उन्होंने आयोग को आश्रम विवाद से अवगत कराया है।

कानपुर में बिठूर के लवकुश नगर स्थित अखंड शिवधाम आश्रम पर आधिपत्य के विवाद के बीच डॉ. रेनू तिवारी ने राष्ट्रीय महिला आयोग को ई-मेल के जरिये शिकायत भेजी है। दो जून को भेजे गए इस ई-मेल में उन्होंने आयोग को आश्रम विवाद से अवगत कराया है। आरोप लगाया है कि कुछ संत और बजरंग दल के कार्यकर्ता आश्रम में घुसकर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं।

साथ ही आश्रम में महिलाओं से अभद्रता का भी आरोप लगाया है। उधर, स्वामी ब्रजानंद अवधूत ने हरिद्वार से आए संतों के रहने के लिए आश्रम में 13 कमरों की मांग की है। शनिवार को स्वामी ब्रजानंद ने बताया कि कुल 15 संत आश्रम विवाद को लेकर उनके समर्थन में हरिद्वार से आए हैं। कोरोना काल में सभी महज दो कमरों में रह रहे हैं।

इससे कोविड प्रोटोकाल का भी उल्लंघन हो रहा है। ऐसे में उन्होंने आश्रम में 13 और कमरे खुलवाने की

मांग की है। ब्रजानंद का आरोप है कि आश्रम का स्नानघर भी बंद कर दिया गया है। इसके चलते संतों को स्नान के लिए दूसरे आश्रम में जाना पड़ रहा है।
इस पर डॉ. रेनू तिवारी ने बताया कि रिहायशी कमरों को आश्रम समिति ने प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र चलाने वाली एक संस्था को अनुबंध के तहत किराये पर दे रखा है, जिसमें ताला बंद है। संतों को अगर कमरे चाहिए तो इसके लिए उन्हें संस्था के संचालकों से संपर्क करना होगा। उन्होंने आश्रम में पानी की पर्याप्त व्यवस्था बताई और स्वामी के आरोपों को निराधार बताया।

स्वामी की तबीयत में सुधार नहीं
धरने पर बैठे स्वामी ब्रजानंद की तबीयत में तीसरे दिन भी कोई सुधार नहीं हुआ। ब्रजानंद अवधूत ने बताया उन्हें दस्त की वजह से कमजोरी महसूस हो रही है। डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां ले रहे हैं।

स्वामी से मेरे पारिवारिक संबंध
डॉ. रेनू तिवारी ने कहा कि स्वामी ब्रजानंद से उनके पारिवारिक संबंध हैं। स्वामी जी उनके पारिवारिक कार्यक्रमों में भी शिरकत करते रहे हैं। इसी के चलते वह उनका पूरा सम्मान करती हैं।