इटावा। लॉकडाउन के कारण परिवहन के साधनों पर भी ब्रेक लगा हुआ है। कभी न थमने वाले रेल के पहिए भी थमे हुए हैं। यात्रियों से हमेशा गुलजार रहने वाले इटावा रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. इसका असर मुसाफिरों का बोझ उठाकर अपना और अपने परिवार का पेट पालने वाले कुलियों पर भी साफ नजर आ रहा है. कुली भी अब संकट में हैं।सारी दुनिया का बोझ उठाने वाले कुली इन दिनों परेशान हैं। हमेशा ट्रेन आने का इंतजार, भाग कर डिब्बों में चढ़कर यात्रियों का सामान उठाना और फिर मेहनत की कमाई को घर पर ले जाने वाले कुलियों के सामने भी अब दो जून की रोटी का संकट है. जिस इटावा रेलवे स्टेशन पर कुलियों की भागदौड़ रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। न ही ट्रेन आ रही है और ना ही कुली।आमतौर पर इटावा रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले कुली इन दिनों घर पर बैठकर लॉकडाउन समाप्त होने के दिन गिन रहे हैं।