बाराबंकी(नितेश मिश्रा)। जार्ज फर्नांडिस ने संघर्ष करते हुए हमेशा समाजवादी आन्दोलन को आगे बढ़ाया। गांधी, जयप्रकाश नारायण और डाॅ. लोहिया के आदर्शो पर चलते हुए समाजवाद की अलख जगाते रहे। जार्ज साहब ने आम जनमानस के लिए कई आन्दोलनों की अगुवाई की और उस वक्त की मौजूदा सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। ऐसे पुरोधा को हम बार बार नमन करते हैं।

यह बात देश के पूर्व केन्द्रीय मंत्री और समाजवाद आन्दोलन के योद्धा जॉर्ज फर्नाडिस की 91वीं जयंती पर गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित व्याख्यानमाला के मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द कुमार सिंह गोप ने कही।

गांधी भवन में कोविड नियमों का पालन करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. जार्ज फर्नांडिस के चित्र पर माल्र्यापण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तदोपरान्त मुख्य अतिथि अरविन्द सिंह गोप ने गांधी भवन परिसर में स्व. जार्ज फर्नांडिस की स्मृति में पौध रोपण किया। इसी क्रम में राजनाथ शर्मा ने अरविंद सिंह गोप को खादी अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया।

श्री गोप ने आगे कहा कि जार्ज फर्नान्डिस भारतीय राजनीति के उन महापुरूषों में से हैं जो नौजवानों की तरूणाई के प्रतीक रहे। उनकी सादगी और साधारण पहनावा ही उनकी पहचान थी। उन्हें संघर्षशील योद्धा के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने जार्ज फार्नांडिस के साथ बिताए अपने कई संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि जॉर्ज फर्नांडिस संघर्ष के पर्याय थे। वह एक सादगी भरा जीवन जीने वाले समाजवादी योद्धा भी थे। सत्ता की चकाचैंध में एक ओर जहां समाजवाद के मायने बदल गए वहीं संघर्ष करने की ललक भी धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। इस कोरोना काल में जनता के साथ हो रहा अत्याचार और अमानवीय आचरण के लिए सरकार दोषी है, यह कहने कि हिम्मत शायद अब किसी नेता या जनप्रतिनिधि में नहीं रही। जार्ज फर्नाडिस अन्याय के प्रतिकार के लिए जाने जाते थे और जनता ही उनकी पूंजी थी।

इस अवसर पर सभा का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। मुख्य रूप से आल इण्डिया वारसी समाज के अध्यक्ष हाजी वासिक रफीक वारसी, हुमायूं नईम खां, मृत्युंजय शर्मा, प्रसपा नेता धनंजय शर्मा, विजय कुमार सिंह, हशमत अली गुड्डू, समीर सिंह, विनय कुमार सिंह, मनीष सिंह, सत्यवान वर्मा, पी.के सिंह, सरदार राजा सिंह एडवोकेट, जमील उर रहमान आदि लोग उपस्थित रहे।