बाराबंकी(नितेश मिश्रा)। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. सरदार बेअंत सिंह की 12वीं पुण्यतिथि पर जिला बार एसोसिएशन के सभागार और गांधी भवन में कोविड नियमों का पालन करते हुए स्मृति सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान स्व. सरदार बेअंत सिंह के चित्र पर माल्र्यापण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सरदार बेअंत सिंह फाउंडेशन एवं गाँधी जयंती समारोह ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सभाओं में गाँधीवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने कहा कि सरदार बेअंत सिंह कुशल छात्रनेता व सफल अधिवक्ता थे। वह लखनऊ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रहे। उन्होंने हिन्दी आन्दोलन को गति दी और सदन में पर्चे फेंके। वह संघर्ष और सत्याग्रह के पर्याय थे।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित ने कहा कि स्व. बेअंत सिंह का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वह हमेशा अधिवक्ताओं के हितार्थ मुद्दों को उठाते रहे। उनके द्वारा विधि के क्षेत्र में किया गया योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

महामंत्री नरेश सिंह ने कहा कि सरदार बेअंत सिंह छात्रो व वकीलों के सच्चे हमदर्द थे। यही नही वे सर्वहारा वर्ग के भी सच्चे हिमायती भी थे। उन्होंने संघर्ष की शुरुआत छात्र राजनीति से की और आजीवन सामाजिक हितों को लेकर संघर्ष करते रहे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता हुमायूँ नईम खान ने किया। समारोह के अंत में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सरदार आलोक सिंह और अधिवक्ता सरदार राजा सिंह ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता कौशल किशोर त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप गुप्ता, प्रधानाचार्य विजय प्रताप सिंह, हिसाल बारी किदवई, पाटेश्वरी प्रसाद, विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, खुशीराम यादव, संजय गुप्ता, सूरज यादव गामा, श्रवण सिंह, रोहित निगम, संदीप यादव, नवीन रस्तोगी, यासिर अरफात कैफी, नागेन्द्र प्रताप सिंह आदि लोग मौजूद रहे।