औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय) अराजक तत्वों ने तोड़ी रेलवे स्टेशन की कुर्सियां।

 

 

 

कंचौसी रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण, विस्तारीकरण व प्लेटफार्म ऊंचा करने के लिए रेलवे की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए गए, बावजूद रात होते ही रेलवे स्टेशन का आधा हिस्सा अंधरे में डूब जाता है। साफ-सफाई के अभाव में जगह-जगह बिखरी गंदगी अब इसकी पहचान बन चुकी है। शौचालय इन दिनों कूड़ा घर बन चुका है। प्रवेश द्वारा पर स्टेशन का बोर्ड नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।यही नहीं विश्रामालय की स्थिति भी दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।प्लेटफार्म नंबर दो पर यात्रियों की सुविधा की लिए रखी सीमेंट की कुर्सियों असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया है।रेलवे स्टेशन पर तैनात कर्मचारी मारपीट के डर से बोलते तक नहीं हैं। अंधरे में डूबे इस स्टेशन से यात्री भय के कारण यात्रा शुरू करने में भी कतराते हैं। सबसे अधिक परेशानी तो उन्हें उठानी पड़ती जो रात के समय परिवार के साथ ट्रेन से उतरकर सड़क तक आना चाहते हैं। कई बार यात्रियों के साथ छिनैती तथा छेड़खानी की घटना घटित हो चुकी हैं। इसके बाद भी रेलवे की ओर से आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। रात में स्टेशन के प्रवेश व निकास द्वार पर दबंग व नशेड़ी लोगों व शाम के समय प्लेटफार्म पर अराजक युवकों का भी जमावड़ा लगा रहता है। वह फ्री वाईफाई की सुविधा के बहाने महिला यात्रियों के साथ अभद्रता करने से नहीं चूकते हैं। आरपीएफ की तैनाती ना होने से दिन में भी अक्सर रेलवे स्टेशन पर अराजक तत्व मड़राते रहते हैं। वहीं यात्रियों के बैठने के प्लेटफार्म पर लगी सीमेंट की कुर्सियां भी अराजक तत्वों द्वारा रोजाना तोड़ी जा रही हैं। वहां तैनात कर्मचारियों द्वारा मना करने पर कहासुनी करने के साथ वह मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि कई बार इन समस्याओं से रेल राज्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक निराकरण नहीं कराया गया।