मिनर्वा पंजाब एफसी देश के नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट सुपर कप के क्वालिफिकेशन राउंड के पहले मैच में खेलने नहीं पहुंची, जिसे राष्ट्रीय महासंघ ने इस कदम को ‘अजीबोगरीब’ और ‘अस्वीकार्य’ करार दिया.

आठ आई लीग क्लबों ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ पर अनुचित बर्ताव का आरोप लगाते हुए इस टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था, तभी इसके आयोजन पर अनिश्चितता के बादल छा गए थे.

लेकिन दिलचस्प बात है कि विरोध कर रहे आठ में से तीन क्लब मिनर्वा, गोकुलम केरला और ऐजल एफसी यहां अपनी टीमों को लेकर पहुंचे, जिन्हें क्वालीफिकेशन मुकाबले खेलने थे.

गुरुवार को मिनर्वा की टीम मैच से पूर्व अनिवार्य प्रेस कांफ्रेंस के लिए नहीं पहुंची थी और पंजाब की टीम शुक्रवार को पुणे सिटी एफसी के खिलाफ मुकाबले के लिए नहीं उतरी.

वहीं गोकुलम और ऐजल को शनिवार को कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली डायनामोज और चेन्नईयिन एफसी के खिलाफ मैच खेलने हैं लेकिन ये दोनों शुक्रवार को मैच पूर्व प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में नहीं पहुंचे.

एआईएफएफ के महासचिव कुशाल दास ने कहा कि मिनर्वा का मैच का बहिष्कार करने का फैसला देश में खेल को नुकसान पहुंचाएगा. दास ने कहा कि क्लबों और एआईएफएफ के बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन मतभेदों के कारण एक फुटबॉल मैच का बहिष्कार करना ‘क्रेजी’ है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. यह सही कदम नहीं है और इससे देश की फुटबॉल को नुकसान पहुंचेगा.

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