कानपुर देहात (अंकित तिवारी)
जिलाधिकारी डाॅ० दिनेश चन्द्र ने मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा०डी०एन० लवानियाँ की संस्तुति पर जनपदीय सीमा के अन्दर बिना ईयर टैग लगे पशुओं के क्रय-विक्रय एवं परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
विकास भवन स्थित सभागार में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत चलाये जा रहे टीकाकरण एवं टैगिंग कार्य की समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की गयी, इस टीकाकरण के कार्यक्रम में पशुओ के कान में ईयर टैग लगाना अनिवार्य है। पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि पशुआंे में टैग लगाने में समस्या आ रही है क्योकि पशुपालक अपने पशुओं की टैगिंग न कराने पर आमादा है, जिससे टीकाकरण की प्रगति संतोषजनक नहीं है। जिलाधिकारी द्वारा सख्त निर्देश जारी कर दिए गये हैं कि बिना टैग के पशुओं का क्रय-विक्रय एवं परिवहन नहीं किया जाये साथ ही क्रय-विक्रय करते समय क्रय-विक्रय रसीद पर टैग नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाये।
जिलाधिकारी द्वारा समस्त उप जिलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से समस्त लेखपाल ,ग्राम सचिव ,ग्राम प्रधान ,रोजगार सेवकों को निर्देशित किया गया है कि वह टीकाकरण के समय ईयर टैगिंग का कार्य अपनी उपस्थिति में सफल कराएँ, जिससे शत प्रतिशत टीकाकरण हो सके।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा समस्त उप मुख्य पशु  चिकित्साअधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह टीकाकरण कार्य का प्रभावी अनुश्रवण करते रहें, साथ ही निर्देशित किया गया कि गोवंश आश्रय स्थल पर मनरेगा अंतर्गत नेडेप पिट का निर्माण ,किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन घटक ) के आवेदन पत्रों को बैंकों में जमा कराना सुनिश्चित करें। अब से पशु बाजारों /पशु मेलों में बिना टैग लगे पशुओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी इस लिए सभी किसान पशुओं में टैग लगवाएं एवं टीकाकरण कराएँ क्योकि ईयर टैग ही पशुओं का आधार है।