सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। श्री समर्थ साहेब जगजीवन दास बड़े बाबा के मन्दिर में चल रहे अघविनाश पाठ के दूसरे दिन कथावाचक आदित्य महराज ने साहेब जगजीवन दास के द्वारा हस्तलिखित ग्रंथ को सुनाते हुए कहा कि मानव प्राणी सत्य के मार्ग पर चलकर ही मोक्क्ष प्राप्ति के मार्ग को प्रशस्त कर सकता है।आज के आधुनिक युग में मानव प्राणी ब्यस्ततम समय में माता पिता की सेवा गुरू की आज्ञा और सत्य के कठिन मार्ग पर चलने को भूल गया सिर्फ आधुनिक चमक मे अपने को स्थापित करने को रात दिन पैसों के पीछे भाग कर अपने आदर्शो को भूल गया भगवान के दरबार में भी इसी की मांग करता मानव प्राणी घूम कर सत्य को भूल गया यही मानव प्राणी की परेशानी का कारण बना हुआ है।
कथा वाचक ने कहा कि सत्य पर विश्वास करके मानव जीवन जीने वाले लोग आज भी निरोग व सम्पंन है समाज में उनकी अच्छी मान लिया प्रतिष्ठा हैं ।इस मौके पर रूपा दास अविदास लक्षमन दास नीरज भैय्या उमेन्द्र बक्श दास खुटपुट बाबा दुर्गेश दीक्षित बंदना दास सोनी दास भोला महराज महरादास गुल्ले बाबा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।