बाराबंकी। जहां एक तरफ केन्द्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी को आपदा घोषित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी जी ने बड़ी ही सूझ बूझ के साथ सभी स्कूल, कालेज 15 मई तक बंद रखने का निर्णय लिया था। वही दूसरी तरफ प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री व शासन के इस आदेशों की जमकर धज्जियाँ उड़ाई जा रही थी। विभागीय अधिकारियों द्वारा परिषदीय स्कूलों को खुलवाकर शिक्षकों को आवश्यक रूप से उपस्थित होने के लिये बाध्य किया जा रहा था।

उक्त शिक्षक समस्या का संज्ञान लेते हुए यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री सहित शासन के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय खोलने के आदेशों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। पत्र में कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकतर शिक्षिक-शिक्षिका प्रतिदिन टैक्सी इत्यादि वाहन से स्कूल जाते है। ऐसे में कोरोना से बचाव हेतु मुख्य उपाय-“दो गज दूरी” का पालन कर पाना सम्भव नही है। जिसके चलते संक्रमण शिक्षकों में अति तीव्रता से फैल रहा है। जिसका संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री जी ने शिक्षकों को घर से ही विभागीय काम करने की अनुमति दी।

यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने बताया कि जनपद में कोरोना ने भयंकर रूप धारण कर लिया है, जिसमें जिले का शहरी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां अधिकांश शिक्षक निवास करते है। ऐसे में शिक्षक के विद्यालय आने जाने से उन गांवों में भी संक्रमण फैलने का खतरा है। बच्चों के बिना स्कूलों में शिक्षकों को बुलाने का विभागीय फरमान शिक्षकों में सरकार के प्रति असंतोष व अविश्वास फैला रहा था। जिस पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने ससमय संज्ञान लेते हुए शिक्षकों को विद्यालय के बजाय घर से ही विभागीय कार्यवाही करने की अनुमति प्रदान की।

शिक्षक हित में मा. बेसिक शिक्षा मंत्री के इस निर्णय का यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर सहित जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार, जिला महामंत्री सत्येन्द्र भास्कर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष पूर्णेश प्रताप सिंह, संयुक्त महामंत्री शाकिब किदवई, जिला संगठन मंत्री दीपक मिश्रा, जिला आडिटर आशीष शुक्ला, जिला पदाधिकारी राज कपूर, संग्राम सिंह, अजय सिंह आदि ने स्वागत किया।