बाराबंकी। लालजी टंडन की धमनियों में राष्ट्रवाद बहता था। उनके जीवन का ध्येय जनसेवा था। उनका जन्मदिन हमेशा सादगी और उत्सवधर्मिता के साथ मनाया जाता था। यह पहला मौका है जब लालजी टंडन हमारे बीच नहीं है। पिछले पांच दशकों की मुलाकात और उनके साथ बिताया एक-एक क्षण आज भी अविस्मणीय है।

यह बात पूर्व राज्यपाल स्व. लालजी टंडन की 86वीं जयन्ती पर गांधी भवन में आयोजित स्मृति सभा की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने कही।

श्री शर्मा ने बताया कि स्व. टंडन जी ईमानदारी, सादगी, विनम्रता और वैचारिक प्रतिबद्धता की अनूठी मिसाल थे। 12 अप्रैल, 1935 को लखनऊ में जन्में लालजी टंडन अजीवन जन संघर्षों से जुड़े रहे। लालजी टंडन लखनवी तहजीब की जिन्दा मिसाल थे। वह साम्प्रदायिक राजनीति के विरोधी थे। अटल बिहारी बाजपेयी के बाद लखनऊ में उनकी राजनीतिक विरासत लालजी टंडन ने ही संभाली थी।

श्री शर्मा ने कहा कि लालजी टंडन गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़े थे। वह गांधी जयन्ती के कार्यक्रम तथा भारत, पाक, बांग्लादेश का महासंघ बनाओं सम्मेलनों में आते रहे हैं। मेरा उनका दलीय संबंध नहीं रहा लेकिन व्यक्तिगत संबंधों के निर्वाहन में उनका कोई सानी नहीं था। लालजी टंडन कृत पुस्तक ‘अनकहा लखनऊ’ की पुस्तक चर्चा सिर्फ बाराबंकी में हुई, जिसकी अध्यक्षता पूर्व कुलपति एस.पी सिंह ने की थी।

सभासद देवेन्द्र प्रताप सिंह ‘ज्ञानू’ ने कहा कि लालजी टण्डन राजनेता नहीं जननेता थे। उन्होंने एक शानदार राजनैतिक जीवन जिया। उनके मिलनसार एवं सरल स्वभाव से कार्यकर्ता हमेशा प्रसन्न रहते थे। लालजी टंडन जमीनी नेता थे। शायद इसीलिए जीवन भर जमीन से जुड़े रहे। राजनीति में सभासद से संसद और राजभवन तक का सफर तय करने वाले लालजी टंडन का जीवन सरलता की मिसाल था।

समाजसेवी विनय कुमार सिंह ने कहा कि लालजी टंडन सेक्यूलर विचारधारा के व्यक्ति थे। टंडन जी लखनऊ को नई पहचान दी। उनक निधन से स्वच्छ राजनीति और ईमानदार राजनेता की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता।

सभा का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए स्व. लालजी टंडन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से मृत्यंजय शर्मा, अनुपम सिंह राठौर, जमील उर रहमान, सत्यवान वर्मा, संजय सिंह, रामू वर्मा, मनीष सिंह, तौफीक अहमद, पी.के सिंह, संतोष शुक्ला, आसिफ हुसैन, कपिल सिंह यादव, राजेश सिंह, कामता प्रसाद वर्मा, राजेश यादव, नीरज दूबे सहित कई लोग मौजूद रहे।