बाराबंकी(नितेश मिश्रा)। सनातन योग फाउंडेशन के संस्थापक गुरु संदीपन ने सनातन योग फाउंडेशन परिसर लखपेड़ाबाग बाराबंकी में लोगों को करोना से बचाव के लिए योगाभ्यास, प्राणायाम और नियम बतलाए।

गुरु संदीपन ने बताया कि अपने योगाभ्यास में सूर्य नमस्कार कम से कम 11 से 21 बार करें सूर्य नमस्कार शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है शरीर को बल देता है और रोगों से लड़ने की क्षमता को विकसित करता है, सूर्य नमस्कार का अभ्यास प्रातः स्नान आदि के बाद उत्तम माना गया है। और कपालभाति प्राणायाम कफ रोगों से लड़ने में बहुत सहायक है कपालभाति प्राणायाम मोटापा मधुमेह जोड़ों के दर्द में विशेष लाभकारी है। कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास नियमित सुबह खाली पेट कम से कम 10 मिनट और जो लोग वजन कम करना चाहते हैं यह जिनको मधुमेह की शिकायत है यह जोड़ दर्द की शिकायत है वह 30 मिनट इसका अभ्यास करें, कपालभाति प्राणायाम प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और इस संक्रमण काल में बचाव के लिए बेहतर प्राणायाम है। करोना से बचने के लिए हमारी प्रतीक्षा प्रणाली का मजबूत होना बहुत आवश्यक है इसके लिए सूर्यभेदी प्राणायाम कम से कम 11 बार करें यह हमारी जठराग्नि को प्रदीप्त करता है और रोगों से लड़ने की क्षमता को विकसित करता है, फिर करें नाड़ी शोधन प्राणायाम प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट अभ्यास करें, नाड़ी शोधन प्राणायाम 5 मिनट में समस्त कोषों को पूरा ऑक्सीजन देता है जिससे शरीर ऊर्जा से भर जाता है नाड़ी शोधन प्राणायाम बहुत ही अद्भुत प्राणायाम है, नाड़ी शोधन प्राणायाम उत्तम स्वास्थ्य को प्रदान करने वाला है जो भी व्यक्ति इसका नियमित अभ्यास करता है वह रोग से मुक्त रहता है।

आज हमें कुछ बचाव की भी आवश्यकता है हमें सर्दी जुखाम यह बुखार यदि किसी को है तो उसे उचित दूरी रखें।
मास्क का इस्तेमाल जरूर करें और यदि बाहर से आते हैं तो वापस आकर अपने हाथों को साबुन से जरूर साफ़ करें।
सूर्य नमस्कार,कपालभाति प्राणायाम सूर्यभेदी प्राणायाम, और नाड़ी शोधन प्राणायाम के नियमित अभ्यास से हम सब इस करोना महामारी से विजय पा सकते हैं।