रामसनेहीघाट बाराबंकी (राजू रावत)। पंचम् दिवसीय श्री मद् भागवत कथा महोत्सव शुक्लन पुरवा पो. हथौंधा बाराबंकी में पंचम दिवस की कथा में फतेपुर बाराबंकी से पधारे कथाब्यास छत्रपाल जी ने कहा रामकथा का व भागवत कथा का मन मानस पर प्रभाव पड़ता है इसके श्रवण से व्यक्ति यह सीखता है कि कैसे माता पिता बंधु बांधव प्रजा सभी के लिए व्यक्ति का कर्तव्य है। जिसका निर्वाहन आवश्यक है।
कथाब्यास ने आगे कहा कि वर्तमान युग चुनौतियों से भरा पड़ा है भटका है सबसे ज्यादा युवा दिग्भ्रमित हो रहे हैं भटकाव के लिए दोषी जितना समाज है उतना ही परिवार भी है और भटकाव से बचाव केवल राम के मार्ग पर है , राम के चरित्रों का जितना व्याख्यात्मक विचार हो उतना कम है आज दौर बदल चुका है अगले दौर में आज का युवा कहता है कि सब कुछ प्रैक्टिकल हो चुका है और इसी के चलते संवेदनाएं खत्म हो चुकी हैं। राम ने अपने कर्तव्य पथ पर बढ़ते हुए सभी के प्रति अपने कर्तव्यों का शुद्ध अंतःकरण से निर्वाहन किया वे जितने अच्छे पुत्र थे उतने ही अच्छे भाई थे एक तरफ आज्ञा वंश से थे तो दूसरी तरफ प्रजा पालक राजा थे जीवन की कठिनाइयों के बावजूद राम ने कर्तव्य बोध का अवसान नहीं होने दिया।पंचम् दिवसीय श्री मद् भागवत कथा महोत्सव के पांचवे दिन भंडारे का कार्यक्रम दोपहर से रात तक चलता रहा। भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर दूर दूर से आए लोगों ने आनंद लिया और राम कथा सुनी। इस मौके पर समाजसेवी शुक्लन पुरवा निवासी प्रदीप यादव ने पत्रकार बंधुओं को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में यज्ञ के मुख्य यजमान सतगुरु यादव, मंच संचालक दिनेश शुक्ला , प्रदीप यादव गुरु जी, आशीष शुक्ला, आचार्य मोहित शास्त्री, कमलेश कश्यप, आचार्य मिथलेश वर्मा, आदि तमाम श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे! श्रवन करने के लिए सैकडों श्रद्धालुओं मौजूद रहे ।