कोटवाधाम बाराबंकी(रिशु कुमार) ।श्रीकोटवाधाम चौराहे पर मुशायरा कवि सम्मेलन महोत्सव का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता कवि प्रेमनारायण वर्मा ने की।
महोत्सव की शुरुआत कवि ओम शर्मा ने मां शारदे की बंदना मां तेरा गीत गाता हूं अर्चना मे गुन गुनाता हूं से किया ।
महोत्सव की अध्यक्षता कर रहे कवि प्रेमनारायण वर्मा ने जगजीवन दास की बंदना से शुरू किया कहा कि जगजीवन की कुटिया ललाम प्रणाम श्री कोटवा करूं ।
इलाहाबाद से पधारे कवि शिवम् हक्कामी ने कहा कि मेरे सपनों की रानी तुम्ही हो सनम ।
उस खुदा की निशानी तुम्ही हो सनम ।
कवि सनातन सिंह ने पाक के साथ साथ तुम्हें चीन लिख दूंगा।
कलम से तुम्हारी क़िस्मत हसीन लिख दूंगा ।
मध्यम प्रदेश से महोत्सव मे आयीं कवि निखार अंजुम ने राहें उल्फत में ये कमाल करो ।
पूरा पूरा मेरा ख्याल करो ।
कह रही है यही निगार अंजुम
तुमको फुर्सत मिले तो काल करो।
कविआनंद कौशल ने कुछ यूं कहा द्रोपदी बनकर बैठोगी तो चीर हरण हो जायेगा।
कवि चंदन सिंह ने कहा कि मंहगाई की मार पड़ रही है यंहा है सब कुछ झोल।
गगन चूमने को उत्सुक है डीजल पेट्रोल।
मुशायरा कवि सम्मेलन महोत्सव का संचालन विकास सिंह बौखल ने किया।आयोजन सलमान सिद्दीकी उमेश जायसवाल ने किया।
इस मौके पर डाक्टर शकील अहमद सैदुर्हमान मंशूरूल हक प्रमोद रावत नन्हा महन्त दीपक दास पूर्णमासी वर्मा सहित सैकड़ों लोग मुशायरा कवि सम्मेलन महोत्सव को सुना ।