सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निवर्तमान ग्राम प्रधानों से मतदाता कर रहे हैं तरह तरह के सवाल आवास हो या गांव का विकास नाली हो या खडंण्जा पेंशन के फार्म भरा था तो पांच वर्षो के कार्यकाल में क्यो नही मिली पेंशन आदि सवाल दागे जा रहे हैं।
मतदाताओं को जवाब में बताया जा रहा है थोडा सब्र रखो अबकी बार जिताय देव पेंशन आवास इन्टर लाकिंग नाली निर्माण आदि प्राथमिकता के साथ काम होंगे।
तो वहीं दूसरे प्रत्याशी विकास की गंगा बहा देंगे अमुक को पांच वर्ष देख चुके हो क्या थे प्रधान बनने से पहले और आज प्रधान जी की हालत क्या है मतदाताओं को पूर्ण रूप से ज्ञान देते सुने जा सकते हैं। अधिकांश प्रधान महीनो से आरक्षण को लेकर परेशान थे ऐन केन सीट बची तो अब मतदाता व नये प्रत्याशियों ने मुसीबतें बढ़ा दी है। ग्राम पंचायतों मे ग्राम प्रधान पद से अधिक रोचकता न तो क्षेत्र पंचायत सदस्य में और न ही जिलापंचायत सदस्य पद में दिख रही है। ग्राम पंचायत सदस्य पंच तो बडी तादाद मे निर्विरोध ही होगें क्यों कि सबसे अधिक उपेक्षा ग्राम पंचायत सदस्यों की होती है। चुनाव के बाद उन्हे बैठकों में न बुलाना उनके सेक्टरों में उनसे विना पूंछे कार्य ग्राम प्रधानों की कार्यशैली से क्षुब्ध अधिकांश सदस्य रहे। अधिकांश पंचायतों में प्रधान पद के उम्मीदवार सदस्य ग्राम पंचायत पद के उम्मीदवारों के पर्चे खरीद रहे हैं। तीन दशक पूर्व सदस्य ग्राम पंचायत के प्रत्याशियों की सेक्टरों में करारी टक्कर होती थी बकायदे घर घर वोट मांगते थे ।