औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय) खुशी का हर मौका पहले उन बुजुर्गों को समर्पित जिन्हें अपनों ने ही बेगाना बना दिया है।

अपनों के नहीं बल्कि अब हम हैं अपने हृदय के लाडले, जिले के दुलारे, डीएम सुनील कुमार वर्मा के सहारे।

 

कोई भी त्योहार हो, या फिर अपना कोई निजी उत्सव।औरैया के जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा सबसे पहले उन बुजुर्गों के बीच जाते हैं जिन्हें उन्हीं के अपनों ने बेगाना बनाकर बृद्धाश्रम भेज दिया है। पुत्री का जन्मोत्सव रहा हो या फिर अपने ससुर जी की बरषी श्राद्ध शरदोत्सव प्रदर्शनी के कार्यक्रम हों या फिर आने वाली कल की होली। औरैया जिलाधिकारी सुनील वर्मा सबसे पहले आनेपर गांव में संचालित बृद्धाश्रम जाते हैं जहां बुजुर्ग महिलाएं उन्हें पुत्र की भांति दुलराती हैं तो बुजुर्ग पुरुष उन्हें पुत्र की भांति उनपर अपना आशीर्वाद उड़ेलते हैं।होली से एक दिन पूर्व ही कई प्रकार के मिष्ठान, वस्त्र, रंग, अबीर गुलाल लेकर जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा सपत्नीक, पुत्रियों और माताओं के जैसे ही वृद्धों के बीच आनेपर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे, वृद्ध माताओं और पुरुषों की आंखों से आंशू छलक उठे। उन्हें उम्मीद थी कि भले ही उनके ही अपने कलियुगी संतानों ने उनसे मुंह मोड़ लिया हो किन्तु पुत्र के रूप में औरैया जिलाधिकारी के पद पर आए सुनील कुमार वर्मा उनके बीच त्योहार मनाने अवश्य आएंगे। हुआ भी वही। डीएम सुनील कुमार वर्मा अपनी पत्नी और पुत्रियों के अलावा अपनी माताओं को साथ लेकर वृद्धों के बीच उपहार के साथ पहुंचे। गुलाल से होली खेली और बुजुर्गों के माथे पर अबीर लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर सदर एसडीएम रमेश यादव भी साथ रहे और बुजुर्गों के साथ होली खेलकर उनसे आशीर्वाद लिया।