औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय)कंचौसी कस्बे की सड़कों का कब होगा कायाकल्प कस्बे के अंदर बीच बस्ती में रोडो के हालात इतने खराब है कि लोगो का पैदल निकलना कठिनाईयों भरा सफर है।कई वर्षों से जर्जर पड़े मार्गो पर विभागीय अधिकारियों का कतई ध्यान नही है।जनता द्वारा कई बार जिले के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की गई परन्तु जर्जर गड्डायुक्त पड़े मार्गो को कोई देखने भी नही पहुँचा।इस बात को लेकर जनता का शासन प्रशासन पर नाराजगी भी है।बस्ती के अंदर राजेन्द्र पोरवाल के घर से रामचन्द्र बॉथम के घर तक वर्षो से जर्जर गड्डायुक्त मार्ग लोगो के लिए परेशानी भरा है।इस मार्ग पर जनता को पैदल निकलना मुश्किल है।बरसाती मौसम में हालात इतने खराब होते है कि घरो के अंदर गन्दा पानी बहता हुआ नजर आता है।लेकिन आज तक किसी अधिकारी व जनप्रतिनिधि का इस जर्जर मार्ग पर ध्यान आकर्षित नही हुआ।वही रेलवे फाटक के पास जर्जर बड़े गड्डेयुक्त सड़क बडा हादसा का इंतजार कर रही है।रोजाना कंचौसी लहरापुर मार्ग से निकलने वाले बड़े वाहन इन्ही गड्ढो में फँसकर घण्टो जाम का कारण बन रहे है।निकलने वाले छोटे बड़े वाहन रोजाना दिन में फंसकर किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे है।जबकि सूबे के मुख्यमंत्री व औरैया जनपद के प्रभारी मंत्री नोडल अधिकारी कमिश्नर जनपद में आकर कई बार कह चुके है।कि जनपद में कोई मार्ग व गली जर्जर गड्डायुक्त नही होनी चाहिए।आखिर क्या ये सारे आदेश कागजो में ही सिमट जाते है।या अधिकारी इन टूटे फ़टे मार्गो पर ध्यान नही देते है।जब कि प्रति वर्ष शासन स्तर पर प्रत्येक वर्ष रोडो के मरम्मतीकरण का बजट भी आता है।आखिर मेंटीनेंस का बजट कहा जाता है।कंचौसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष ताराचंद्र पोरवाल ने बताया कि अधिकतर जर्जर पड़े रोडो का निर्माण कागजो तक सीमित रहता है।जमीनी हकीकत कुछ और है।अगर जनपद में नोडल अधिकारी आते है और कंचौसी कस्बे के महिपाल पुर्वा में जर्जर पड़ा मार्ग की हकीकत आकर देखे।कि यहाँ की जनता बरसात शुरू होते ही परेशान हो जाती है।घरो के अंदर बरसाती पानी घुसकर लोगो के परिवार संक्रामक बीमारी की चपेट में आते है।