औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय) पुरवा महिपाल में नालियां चोक सड़क पर बह रहा है दूषित पानी।

सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी गांव की साफ-सफाई में कोई अपेक्षित बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि संक्रामक बीमारियां दिन व दिन पांव पसार रहीं हैं, जिससे लोग भी शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद भी गांव में तैनात सफाई कर्मचारी सिर्फ घूमकर सरकार को हर महीने लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। इन्हें न तो स्थानीय प्रशासन का डर है और न ही सरकार के फरमान का भय। ऐसा ही कुछ हाल बिधूना तहसील के ग्राम सभा नोगवा के मजरा पुरवा महिपाल का है। गांव में जल निकासी के लिए बनी नालियां सफाई के अभाव में जाम पड़ी हैं। कूड़े-कचरे से उठ रही दुर्गंध से ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। बावजूद इसके सफाई कर्मचारी खोजने पर भी नहीं मिलते। कंचौसी कस्बे से पुरवा महिपाल में बनी नालियां झाड़-झंखाड़ से पट गई हैं, जिससे पानी सड़क पर बह रहा है। सड़क पर पानी जमा होने से आने-जाने वाले राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर जमा बरसात के पानी में मच्छरों ने अपना आशियाना बना लिया है, जिससे मलेरिया, जापानी इंसेफ्लाइटिस, टाईफाइड़ जैसी जानलेवा बीमारियों के फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है।पुरवा महिपाल निवासी अबलाख ,आशाराम , विनोद ,मेम्बर सिंह ,मोनू सविता ,होरीलाल बाथम आदि लोगों का कहना है कि कई वर्षों ने मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। और कहा ग्राम पंचायत के पांच वर्ष पुर्ण हो गए दुबारा चुनाव की घोषणा भी हो गई लेकिन आजतक सफाई कर्मी कभी नही दिखाई दिया ।ग्राम प्रधान प्रियंका दुबे से कई बार सफाई के लिए कहा तो वह पूरे पांच वर्ष में केवल आजकल में सफाई करवाने का भरोसा देते रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से फॉगिंग कराने एवं सफाई करवाने एवम कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।