नई दिल्ली
भारत ने सद्भावनापूर्ण रुख दिखाते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के विवादित क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र के भीतर भटके हुए एक चीनी सैनिक को रिहा कर दिया है। पूर्वी लद्दाख में विवादित सीमा के डेमचोक सेक्टर में दो दिन पहले भटके चीनी सैनिक को हिरासत में लिया गया था। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) कॉर्परल ने भारतीय एजेंसियों को बताया था कि सैनिक ने भारत में भटके याक को वापस लाने के लिए विवादित सीमा पार कर ली थी। उसे मंगलवार रात चुशुल मोल्डो बैठक स्थल पर चीन को सौंप दिया गया। इससे पहले, भारतीय सेना ने एक बयान में कहा था, ‘पीएलए के एक सैनिक जिसकी पहचान कॉर्परल वांग या लोंग के रूप में की गई थी, उसे 19 अक्टूबर, 2020 को एलएसी पर भटक कर आने के बाद पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में पकड़ा गया था’। भारत ने कहा था कि पीएलए सैनिक को अत्यधिक ऊंचाई और कठोर जलवायु परिस्थितियों से बचाने के लिए ऑक्सीजन, भोजन और गर्म कपड़े सहित चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
भारतीय सेना ने कहा, ‘लापता सैनिक के ठिकाने के बारे में पीएलए से एक अनुरोध भी प्राप्त हुआ’। भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव को वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और राजनयिकों और मंत्रियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद भी हल नहीं किया जा सका है। हिमालय में सर्दियां कठोर होती हैं और सैनिक शून्य से 30 डिग्री सेल्सियस नीचे तक के तापमान का भी सामना करते हैं।