कानपुर देहात (अंकित तिवारी )

बरासत व नाम में गड़बड़ी वाले कई मामलों का डीएम ने शिकायतकर्ता के सम्मुख तत्काल कराया जा रहा निस्तारण शिकायतकर्ता दिख रहे संतुष्ट

जनपद के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र ने फिर हैरतंगेज कारनामा कर के दिखाया मामला बरासत मे गलत नाम दर्ज होने का है जो गुजरात प्रदेश मे सरकारी सेवा में होने के बावजूद लगभग 21 वर्षों से खतौनी में नाम शुद्ध कराने को लेकर परेशान व्यक्ति का 21 साल की समस्या का 21 मिनट में ऑनलाइन कार्य व्यवस्था व पीड़ित व जिलाधिकारी की दूरभाष पर वार्ता से ही समस्या का समाधान हुआ मामला मैथा तहसील क्षेत्र के ग्राम मदारपुर निवासी राकेश नाथ बाजपेई के पिता के देहावसांत के बाद बरासत में दर्ज की गई जमीन की खतौनी में विभागीय त्रुटि के चलते राकेश नाथ के स्थान पर राकेश कुमार दर्ज हो गया जिसकी शिकायत उनके द्वारा वर्ष 2000 में की गई थी जिसके चलते लगातार उनके द्वारा शिकवा शिकायत का मामला चलता रहा यही नहीं इस मामले में शिकायत राजस्व परिषद में की गई थी और तो और राजस्व परिषद द्वारा निस्तारण हेतु मैथा तहसील में पहुंची शिकायत का निस्तारण फिर भी औपचारिक तरीके से कर दिया गया जब निस्तारण आख्या जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र स्वयं पढ़ी तो उक्त निस्तारण को गुणवत्ता परक न मानकर दूरभाष पर सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्या को सुना और 21 मिनट में तहसील प्रशासन के जिम्मेदारों की मदद से ना सिर्फ निस्तारण ही कराया बल्कि खतौनी को पीड़ित के व्हाट्सएप नंबर पर भेज कर शिकायतकर्ता को पूर्णतया संतुष्ट भी किया यही नहीं खतौनी में सम्बन्धी कई मामलों में जिलाधिकारी की गंभीरता के चलते वर्षों का काम सेकंड ओ में किए जाने के मामले मीडिया में आने के चलते अब इस मामले में पीड़ित व्यक्त डीएम की चौखट पर पहुंच रहे हैं और उनके समय निस्तारण भी हो रहे हैं बताते चलें शासन ने इस मामले में पहले से ही निर्देश जारी किए हैं समय रहते बरासत के मामलों का निस्तारण कर निशुल्क खतौनी कल वाली खबर परिवारों को उपलब्ध कराई जाएं जिस के क्रम में लगभग जनपद में 7000 खतौनियों का निस्तारण किया जा चुका है जबकि आधा सैकड़ा खतौनियों के नाम शुद्धीकरण किए जा चुके हैं