औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय) ।

कंचौसी कस्बा में भूमि अधिग्रहण में मनमाने ढंग से भूमि का उचित मूल्यांकन न किये जाने से किसान खासे नाराज है। किसानों ने साफतौर पर कहा कि राज्य सेतु निगम के अधिकारियों द्वारा किसानों के साथ धोखाधड़ी करके भूमि अधिग्रहण कर ली और झूंठ बोलकर कागजो पर दस्खत करवा कर छल कपट किया जा रहा है।किसानों ने आरोप लगाया ओवर ब्रिज की भूमि अधिग्रहण के समय सारे वायदे कर हस्ताक्षर करा लिए और अब अपने किए हुए वायदों से मुकर रहे है।किसानों की बेशकीमती भूमि को औने पौने दाम देकर उनकी जमीने हड़पने की कोशिश की जा रही है।किसानों ने कहा कि जब तक सर्किल रेट के अनुसार भुगतान नही होगा तब तक निर्माण कार्य नही होने देंगे ।वही किसानों की समस्या को निपटाने के लिए अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले।जिलाधिकारी कानपुर देहात डॉ दिनेश चंद्र को भी आना पड़ा था ।किसानों ने भुगतान न होने की दशा पर काम रोक दिया था ।दो माह से रुके पड़े काम को लेकर जिलाधिकारी कानपुर देहात डॉ दिनेश चन्द्र ने कस्बा कंचौसी पहुंचकर किसानों को शासनादेश के अनुसार भूमि का मुआवजा दिए जाने की बात कही थी।
बताते चले कि कस्बा कंचौसी में 39.9 करोड़ रुपयों की स्वीकृत धनराशि से बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य पिछले वर्ष जून में शुरू हुआ था।कस्बा कंचौसी में रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण में किसानो ने भूमि का उचित मूल्य न मिलने व भूमि अधिग्रहण में मनमानी का आरोप लगाते हुए किसानों ने निर्माणाधीन ओवर ब्रिज का काम 2 माह पहले रुकवा दिया था ।किसान अखिलेश, ओमप्रकाश, सुरेन्द्र प्रताप, गजेन्द्र राजकुमार दुबे सत्यनारायण दुबे,अनिल दुबे जयप्रकाश दुबे आदि ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के समय भूमि का प्रतिकर सर्किल रेट का दो गुना भुगतान किया जाएगा ।भूमि का मुवाजा अभी तक नही मिला और सेतु निगम द्वारा ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू करा दिया गया । जिलाधिकारी कानपुर देहात डॉ दिनेश चन्द्र ने ओवर ब्रिज निर्माण कार्य मे अधिग्रहण की गई भूमि का स्थलीय निरीक्षण भी किया इसके बाबजूद भी किसानों की समस्या जस की तस बनी हुई है जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र ने कहा कि सेतु निगम ने प्रार्थना पत्र न देकर भूमि का मूल्यांकन तहसील स्तर पर कराया गया जबकि शासनादेश के अनुसार अपर जिलाधिकारी वित्त एडीएम भूमि अध्यापिति कानपुर नगर व टीम ने अन्य सदस्यों द्वारा भूमि का मूल्यांकन तय किया जाना चाहिए था ।इसी वजह से भूमि के मूल्यांकन में भ्रम की स्थित पैदा हुई है उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार भूमि का मूल्यांकन किया जाएगा ।साथ ही वर्तमान तथ्य के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा ।अकबरपुर लोक सभा से सांसद देवेन्द्र सिंह उर्फ भोले सिंह
ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय नही होने देंगे ।किसानों की मांगों को लेकर अगर जिले से बात नही बनती है तो इसके लिए लखनऊ जाकर अधिकारियों से बात करेंगे। कई बार अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण भी किया जा चुका है ।अपर जिलाधिकारी वित्त कानपुर देहात साहब लाल, उपजिलाधिकारी डेरापुर ऋषिकान्त राजवंशी ,तहसीलदार डेरापुर लाल सिंह ,परियोजना प्रबंधक राकेश गुप्ता ,प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण गुप्ता ,राजेन्द्र सिंह उर्फ राजू सिंह रानेपुर प्रधान प्रबल प्रताप सिंह कानूनगो सहित स्थलीय निरीक्षण कर चुके है लेकिन किसान अपनी बात पर अड़े है।किसानों का कहना है।कि अधिकारी अपनी कही बात पर अड़िग रहे।किसानों के साथ वादा खिलाफी न करे।किसानों को आंदोलन करने के लिए मजबूर न करे। अगर किसानों के साथ वादा खिलाफी हुई तो पीड़ित किसान अपने परिवारों के साथ धरने पर बैठने पर मजबूर होंगे।एक तरफ राज्य सेतु निगम द्वारा बिना किसी भुगतान किए ओवर ब्रिज निर्माण कार्य शुरू करवा दिया वही किसानों का अभी तक भुगतान न होने से किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।