­उन्नाव अंकित शुक्ला कि रिपोर्ट

पत्रकारों पर दर्ज एफआईआर के मामले में कानपुर देहात प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने की मंडलायुक्त और एडीजी कानपुर जोन से मुलाकात कानपुर। कानपुर देहात में दर्ज पत्रकारों पर एफआईआर के मामले में आज कानपुर देहात प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने एफआईआर रद्द कराने की मांग को लेकर मंडलायुक्त कानपुर ज़ोन एवं एडीजी कानपुर ज़ोन से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। और दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की। जिस पर एडीजी कानपुर जोन जय नारायण सिंह ने कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक से बात कर कोई कार्यवाही न करने और भविष्य में इस तरह की घटना न होने का आश्वासन दिया।अपरवह वहीं आयुक्त प्रशासन राजाराम जी ने भी कानपुर देहात प्रशासन से बात कर सहयोग करने का भरोसा दिलाया।ज्ञापन देने वालों में कानपुर देहात प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव, महामंत्री एडवोकेट योगेंद्र अग्निहोत्री, पवन गौड़, अभिषेक कुशवाहा, अशोक कुमार गुप्ता, विजय कुशवाहा, के के शर्मा, अभिषेक चौधरी मौजूद रहे।आपको बता दे कि कानपुर देहात जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए तीन पत्रकारों अमित सिंह, मोहित कश्यप और यासीन अली पर अकबरपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पत्रकारों पर झूठा आरोप लगाया था कि पत्रकारों ने बच्चों को ठंड से ठिठुरने की खबर को गलत ढंग से चलाकर प्रशासन की छवि बिगाड़ने का काम किया है।इस मामले में कानपुर देहात प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि देहात प्रशासन ने पत्रकारिता का दमन करने का प्रयास किया है। यह कृत्य पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला है जो असंवैधानिक भी है।वही महामंत्री योगेन्द्र अग्निहोत्री ने कहा कि अगर बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय को इस मामले में कुछ सफाई देनी थी तो मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखना चाहिये था। लेकिन उन्होंने ऐसा न करते हुए अपने पद और पावर का दुरुपयोग कर पत्रकारों के ऊपर मुकदमा पंजीकृत करा दिया। जिसका कानपुर देहात प्रेस क्लब सख्त विरोध करता है।