बाराबंकी। ग्राम छुरिया,जमीना और चिर्रा टिकैत नगर बाराबंकी मे कार्यक्रम का समापन हुआ। कृषि विभाग बाराबंकी द्वारा आयोजित ” नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर ” कार्यक्रम का ग्राम छुरिया, जमीना और चिर्रा टिकैत नगर बाराबंकी मे कार्यक्रम का समापन हुआ।
नीरज कुमार जी के द्वारा किसानों के बीच सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के महत्व,जैविक कृषि के विभिन्न आयामों, सूक्ष्मजीवों का महत्व,जीरो बजट फार्मिंग,पशुओं का कृषि में महत्व एवं उपयोग बताया तथा श्री सुभाष सिंह यादव जी मिट्टी के बारे में बताया कि कैसे इसकी शुद्धता मापी जाये कैसे मिट्टी की जांच करवाई जाए आदि विभिन्न विषयों पर चर्चा पर चर्चा हुई। इसके बाद कृषि विभाग के टी.ए श्री कौशल कुमार जी ने कहा कि मृदा परीक्षण के प्रति किसानों के अंदर जागरूकता की कमी है जिसके चलते मौजूदा समय में किसानों द्वारा रासायनिक उर्वरकों और दवाओं का अधिक प्रयोग किया जाता है जो मानव जीवन के ऊपर बहुत ही बुरा प्रभाव डालती है इसीलिए सभी को समय-समय पर मृदा परीक्षण अपनाने की जरूरत है ।कैमिकल्स और रासायिनक उर्वरकों के प्रयोग करने से जीव जंतु सहित मानव जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है जिससे कई प्रकार की लाइलाज बीमारियां आती हैं। इसीलिए किसानों को मृदा परीक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उन्होंने जैविक खेती करने पर बल दिया है। इस मौके पर जे.बी.एस.संस्थान दुलहदेपुर बाराबंकी से रामकिशोर वर्मा श्री हिमांशू सिंह श्री आर एन सिंह लवकुश रावत ने कार्यक्रम का देखरेख तथा संचालन किया।