बाराबंकी (सुधीर निगम) ।जनपद अंर्तगत कृषि विभाग द्वारा आयोजित नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर ने बताया कि हमारे पर्यावरण में सबसे बड़ी भूमिका मृदा की होती है यदि मृदा प्रदूषित हो जाए तो किसानों के खेत बंजर से भी बत्तर हो जाते हैं। इसीलिए मृदा स्वास्थ्य किसानों के लिए बहुत ही जरूरी है।यह बात मेसोसायटी फॉर कम्प्यूटर एजुकेशन एंड डेवपमेंट इन रूरल एरिया 20/177 इन्दिरा नगर लखनऊ।कृषि विभाग बाराबंकी द्वारा आयोजित नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर में किसानों को सम्बोधित करते हुए जेबीएस महाविद्यालय मालिनपुर के प्रशासक रामकिशोर वर्मा ग्राम मल्लू लालपुर विकास खण्ड दरियाबाद में किसानों को सम्बोधित करते हुए कही ।उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य के लिये मृदा परीक्षण के प्रति किसानों के अंदर से जागरूकता लाने की जरूरत है जिससे उनकी याद को बढ़ाया जा सकता है इसीलिए सभी को समय-समय पर मृदा परीक्षण अपनाने की जरूरत है ।कैमिकल्स और रासायिनक उर्वरकों के प्रयोग करने से जीव जंतु सहित मानव जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है जिससे कई प्रकार की लाइलाज बीमारियां आती हैं।इसीलिए किसानों को मृदा परीक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उन्होंने जैविक खेती करने पर बल दिया है।प्रशिक्षक अंकित कुमार,उमेश कुमार सिंह प्रमेश कुमार तथा युवा समाजसेवी श्यामू कुमार वर्मा आदि किसानों को सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के महत्व जैविक कृषि के विभिन्न आयामों सूक्ष्मजीवों का महत्व जीरो बजट फार्मिंग पशुओं का कृषि में महत्व एवं उपयोग आदि विभिन्न विषयों की जानकारी दी।