बाराबंकी (सुधीर निगम)। किसी समय में काला सोना (अफीम) की तस्करी करने के लिये पूरे विश्व में अपनी पहचान बना चुके उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी का टिकरा गांव इस समय एक बार फिर चर्चा में आ गया है आपको बता दें की केवल टिकरा गांव ही नहीं बल्कि वहाँ के आस पास के कई अन्य गांवों के लोग भी अफीम की तस्करी करने का कारोबार करते थे जहाँ पर आज भी उसका असर साफतौर पर देखा जा सकता है, लेकिन टिकरा गांव के लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिये बाराबंकी के तेजस्वी पुलिस कप्तान डॉ० अरविन्द चतुर्वेदी ने एक नई पहल की है जिससे सबको रोज़गार से जोडा जा सके, डॉ० अरविन्द चतुर्वेदी दलबल के साथ टिकरा गांव पहुंचे और एक सभा का आयोजन किया उन्होनें सभा में एकत्रित हुए महिला, पुरुष एवं नौजवानों को बुरे काम त्याग करने की अपील की तथा सभी को रोजगार के संसाधन उपलब्ध करवाने का वादा किया । डॉ० अरविन्द चतुर्वेदी ने कहा की आप लोगों को ऐसे 10 काम दिए जाएंगे जो आप सभी को आते होंगे यह बात सुनकर वहां के लोगों ने भारत माता की जय के जोरदार नारे लगाए ।