सिरौलीगौसपुर, बाराबंकी( अजय कुमार रावत)। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सूबे के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को बेलगाम अफसरशाह दागदार करने में कोई कोशिश नहीं छोड़ रहे। जिम्मेदार पद की कमान सम्हाले मातहत अधिकारियों की गणेश परिक्रमा कर आमजन परेशानहाल है। सरकारी धन के बंदरबांट की नीयत से जिम्मेदार धृतराष्ट की भूमिका मे हैं। पीड़ित ग्रामीणों के प्रति मातहतों का उदासीन रवैया का सबब प्रदेश नेतृत्व है, कहना अतिश्योक्ति नहीं।
जानकारी के मुताबिक तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के ग्राम कोठीडीह के ग्रामीणों ने आज जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की अर्जी लगायी है। ग्रामीणो का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय का निर्माण व्यक्ति विशेष द्वारा ग्राम प्रधान की मिलीभगत से भविष्य में स्वयं उपयोग हेतु कराया जा रहा है, जिसे रूकवाकर अन्य सार्वजनिक स्थान पर बनाया जाए जिसका उपयोग निजीहित में न हो। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के रनबहादुर सिंह के घर की दीवार से सटाकर उक्त शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका लाभ अन्य ग्रामीण नही उठा सकेंगे। शिकायती पत्र में यह भी कहा गया है कि जिस स्थान पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है वह पूर्व से ही प्राथमिक पाठशाला एवं हरिजन आबादी के लिए सुरक्षित भूमि है। इससे पूर्व दर्जनों ग्रामीणों ने विगत 26 सितम्बर को सहायक विकास अधिकारी पंचायती राज विभाग व तीन अक्टूबर को उपजिलाधिकारी सिरौलीगौसपुर को प्रकरण से अवगत कराया था, परन्तु समस्या का समाधान नही हुआ। जिससे ग्रामीणों में शासन प्रशासन के विरूद्ध खाशा आक्रोश है। ग्रामीणों ने आज जिलाधिकारी के समक्ष शिकायती पत्र सौंपकर उचित कार्रवाई का आग्रह किया है। इस मौके पर ग्रामीण दुर्गेश सिंह, शिवकुमार सिंह, सन्तोष सिंह,अखिलेश सिंह समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

क्या बोले लेखपाल

शौचालय निर्माण के लिए स्थान सुनिश्चित करने का अधिकार ग्राम पंचायत का है। मैने शौचालय का निरीक्षण किया है। जिस स्थान पर शौचालय का निर्माण होना था, वहां पर गड्ढा है। वह गांव बाढ़ प्रभावित है इसलिए खड़ंजा मार्ग के बगल बनाया जा रहा है। जिसका उपयोग सभी गांव वाले कर सकेंगे।
अश्वनी कुमार, लेखपाल, सिरौलीगौसपुर, बाराबंकी।