कानपुर देहात

गरीब विकलांग महिला की सुनने वाला कोई नहीं गरीबी और ठंड से मरने को मजबूर

योगी सरकार गरीबों के लिए भले ही लाख कोशिश कर रही हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है ऐसा ही कुछ मामला कानपुर देहात शाहजहांपुर कस्बे का है जहां मुगल रोड किनारे अपने तीन बच्चों के साथ एक विकलांग महिला एक छोटी सी दुकान रखकर अपने बच्चों का पालन पोषण करने को मजबूर है जिसे देखकर आपका भी दिल दहल उठेगा यह कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं बल्कि यह कहानी है एक विधवा विकलांग महिला की जो 3 साल से शाहजहांपुर मुगल रोड पर एक झोपड़ी बनाकर रह रही है उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं जिनको ना तो रहने के लिए घर है और ना ही खाने के लिए अनाज बात करे सरकार की योजनाओं की तो गरीबों तक पहुंचती ही नही है ऐसा ही परिवार जो ना तो कमा सकता है और ना ही कहीं जा सकता है क्योंकि महिला पूर्ण रूप से विकलांग है

वही जब हमारे संवाददाता ने पूरी जानकारी की दो महिला फफक फफक कर रोने लगी और कहा की आखिर हम कहां जाएं पूर्ण रूप से विकलांग होने के कारण महिला अधिकारियों के चक्कर भी नहीं लगा सकती एक छोटी सी दुकान रखकर अपने बच्चों का एक टाइम का खाना दे पाने में भी समर्थ नहीं है

वही जब हमारे संवाददाता ने ग्राम प्रधान से बात की तो उन्होंने कहा की हम तभी उनके लिए कुछ कर सकते हैं जब उनके पास कागजात होंगे

अब देखने वाली बात होगी कि योगी सरकार इस विधवा महिला को लेकर क्या मदद करती है या ये लोग सर्दी से ऐसे ही दम तोड़ देंगे

महिला अपने बच्चों के साथ सरकार से आस लगाए बैठी है कि अब कोई फरिश्ता उसके पास आएगा और उसकी मदद करेगा लेकिन क्या उसकी हकीकत में मदद हो पाएगी यह तो आने वाला वक्त ही बयां करेगा लेकिन आखिर एक विकलांग महिला ऐसे सर्दी में अपने तीन बच्चों के साथ सर्दी से कैसे बचें यह सबसे बड़ी बात है