औरैया कंचौसी(दीपक पाण्डेय)
दशहरा की शाम सजी टेसू झेझी की दुकाने।

 

दशहरा के दिन के शाम से नगर व ग्रामीण बस्ती मे टेसू झेझी घुमाने के लिए लडके लडकियो की टोली घर घर जायेगी।शरद पूर्णिमा को इनकी बरात निकाल कर दोनो की शादी नहर तालाब पोखर के घटो पर धूम धाम से सम्पन्न कराकर विसर्जन होगा उसी दिन से हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार सहालग की शुरुआत होगी इसी को ध्यान मे रख कर मिट्टी के बर्तन बनाने वाले परिवार इनको नहर बाजार पुल पर बिक्री के लिए सजाये रखे है ।इनकी कीमत बीस रूपये से पचास रूपये एक टेसू एक झेझी की है। जिनके आज बाजार मे खरीददार कम दिखाई दे रहे है

फ़ोटो

नव दुर्गा के आखिरी दिन कंचौसी नहर बाजार मे बिक्री के लिए तैयार टेसू झेझी।