उरई/जलौन। रबी की फसल की बोआई का समय शुरू हो गया है। राजकीय कृषि बीज भंडार पर अभी तक मटर व मसूर का बीज न आने से किसान बीज लेने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। राजकीय गोदाम पर एक दो दिन में बीज आने की बात कही जाती है अभी तक बीज नहीं आया है। अधिक बारिश के कारण दलहनी फसलें ज्यादातर बर्बाद हो चुकी हैं। इससे किसान अब रबी की फसल में अच्छी पैदावार की आस लगाने लगे हैं। कोंच व माधौगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक मटर की फसल किसान करते हैं। यहां की हरी मटर अन्य कई राज्यों में जाती है। माधौगढ़ क्षेत्र में पांच सौ एकड़ मटर की बोआई व मसूर की एक सौ एकड़ जमीन में बोआई की जाती है। फिर भी बीज गोदाम पर मटर व मसूर का बीज नहीं भेजा गया। जबकि चना व सरसों का बीज भेज दिया गया। जिसकी मांग कम है। सरकार किसानों की आय दोगुनी की बात करती है और बीज समय से नहीं मिलता है। राजकीय बीज गोदाम पर अच्छे बीज नहीं भेजे जाते जिससे फसलों की पैदावार में बढ़ोत्तरी नहीं हो पा रही है। ब्लाक क्षेत्र व आंधिक कोंच क्षेत्र के गांवों में किसान सबसे पहले अर्किल मटर की बोआई करने लगते हैं जिससे कि दिसंबर महीने में हरी मटर बाजार में आ सके। इससे किसानों को आमदनी बढ़ती है। अगर समय से बीज नहीं मिलेगा तो किसानों की बोआई पिछड़ जाएगी और किसानों की आमदनी भी घटेगी।