औरैया (दीपक पाण्डेय) रामलीला में हुआ नारद मोह व रावण दिग्विजय का कार्यक्रम।

 

 

कस्बा के महावीर नगर रोड पर स्थित रामलीला मैदान पर गुरुवार की रात्रि में रामलीला कमेटी की तरफ से आयोजित 151 वी रामलीला का आयोजन प्रथम दिन नारद मोह व रावण दिग्विजय का मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ भाजपा नेत्री जीत कुमारी दुबे ने भगवान गणेशजी की आरती करके किया।

गुरुवार की रात्रि में श्री राम लीला का शुभारंभ भाजपा नेत्री जीत कुमारी दुबे ने भगवान गणेशजी की आरती करके किया। पहले दिन नारद मोह की लीला का मंचन किया गया, जिसमें नारद जी भ्रमण करते हुए एक स्थान पर पहुंचते हैं और ध्यान लाकर तपस्या में लीन हो जाते हैं। उनकी तपस्या से इंद्र का सिंहासन हिल उठता है, जिससे वह भयभीत होकर कामदेव तथा अप्सराओं को नारद मुनि की तपस्या भंग करने भेजते हैं। लेकिन कामदेव तथा अन्य अप्सराएं उनकी तपस्या को भंग नहीं कर पाते और काम देव त्राहिमाम कहते हुए नारद मुनि के चरणों में गिर पड़ते हैं। नारद मुनि को लगता है कि उन्होंने बड़ा काम किया है। इससे उन्हें अभिमान आ जाता है। सभी लोग भगवान विष्णु से सहायता मांगते हैं तथा विष्णु, नारद मुनि के अभिमान को तोड़ने के लिए लीला रचते हैं। नारद मुनि को विवाह करने की इच्छा होती है और वे विष्णु से हरि रूप मांगते हैं। वे कहते हैं कि मैं वही काम करूंगा जो तुम्हारे हित में होगा और वे उन्हें वानर का रूप प्रदान करते हैं, जिससे वे स्वयंवर में हंसी का पात्र बन जाते हैं और भगवान विष्णु राजकुमारी से विवाह कर लेते हैं। इससे नारद जी क्रोधित होते हैं और वे विष्णु को श्राप देते हैं कि एक दिन तुम भी नारी के लिए तड़पोगे और तब ये वानर रूप जो आपने मुझे दिया है वे तुम्हारे काम आएंगे। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कृपा शंकर शुक्ला,अनुराग तिवारी,प्रमोद नारायण तिवारी,ओम बाबू तिवारी,अन्नू शर्मा,दीपक तिवारी सहित रामलीला कमेटी के लोग मौजूद रहे।