औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय) ओवरब्रिज का कार्य अधर में लटका ।जाम से जनता परेशान।

कस्बे में बनाया जा रहा ओवरब्रिज किसानों का भुगतान न होने के कारण अधर में लटक गया है।किसानों का उचित मुआवजा न मिलने के कारण पिछले दो माह से कार्य बंद है ।कस्बे में करोड़ो रूपये की लॉगत से ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया गया था।इससे पहले राज्य सेतु निगम के अधिकारियों द्वारा सहमति पत्र भरवाकर किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था।सहमति पत्र भरवाने के दौरान अधिकारियों द्वारा किसानों को सर्किल रेट से चार गुना भुगतान देने का वायदा हुआ था।लेकिन राज्य सेतु निगम द्वारा बिना भुगतान किए बिना ही ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करवा दिया ।जब किसानों ने पूछा कि अभी तक भुगतान नही किया तो कार्य करा रहे ठेकेदारों ने जबाब दिया कि हमें तो कार्य मिला है।भुगतान से हमारा कोई लेना देना नही।किसानों को शंका हुई और किसानों द्वारा बनाये जा रहे ओवर ब्रिज का कार्य रुकवा दिया गया।जब कार्य रुक गया तो उच्च अधिकारी सकते में आये और किसानों से वार्ता करने कंचौसी पहुँचे।तो किसानों ने अपनी पूरी बात कही ।वही राज्य सेतु निगम के अधिकारियों द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान कुछ और बात कही गयी थी।और निर्माण शुरू के बाद बात बदल गयी।किसानों का भुगतान न होने से किसान खासे नाराज है।किसानों का साफ कहना है कि जब तक किये गए वायदे के अनुसार भुगतान नही होगा तब तक कार्य शुरू नही होगा।किसानों का भुगतान न होने से पुल का निर्माण उलझ गया है।वही ओवर ब्रिज के लिए मंगवाया गया सामान चारो तरफ बिखरा पड़ा है।एसडीएम से लेकर डीएम तक किसानों से वार्ता कर चुके है।लेकिन किसानों का भुगतान अभी तक नही हो सका।किसानों ने सेतु निगम द्वारा जमीने हड़पने का आरोप लगाया है।औने पौने दामो में किसान अपनी जमीन नही देगा।वही पुल का निर्माण न होने से रेलवे फाटक से लेकर कई किमी तक रोजाना जाम लग रहा है।ट्रकों के निकलने से क्षेत्र के सारे मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके है।लंबे जाम से जल्द निजात न मिली तो बड़ा हादसा होने की प्रबल संभावनाए बढ़ गई है। कस्बे के लोग ट्रको से उड़ने वाली धूल से खासे परेशान हैं।कस्बे के लोगो ने बताया धूल से धुंध छा जाती है कुछ दिखाई नहीं पड़ता है।