औरैया (दीपक पांडेय) खुले में जा रहे है कई परिवार शौच नही मिले शौचालय।

 

 

बंद पड़ा सामुदायिक शोंचालय,छत का लेंटर एक जगह से टूटा हुआ है।

 

 

सामुदायिक शौचालय के सामने बिछी इण्टर लॉकिंग किनारे से धसी हुई है।

 

कई शौचालय पड़े अधूरे और कई में पड़ा है कूड़ाकरकट।

 

विकास खण्ड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत भर्रापुर का मामला।

 

 

देश भर में केंद्र सरकार स्वच्छ भारत योजना चला रही है और खुले में शौच मुक्त करने के लिए कोई कोर कसर नही छोड़ी जा रही है।पात्र लोगों को बढ़े पैमाने पर शौचालय दिए गए है और सामुदायिक शौचालय भी बनवाये गए है जिससे कोई भी व्यक्ति खुले में शौच करने न जाये।लेकिन विकास खण्ड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत भर्रापुर में गाँव की दशा कागजों में एक दम चकाचक है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।उक्त पंचायत को कुछ वर्षों पहले अम्बेडकर पंचायत का दर्जा दिया जा चुका है।शौचालय न मिलने से लोग खुले में शौच के लिए जा रहे, सामुदायिक शौचालय में ताला पड़ा हुआ,दर्जनों शौचालय अधूरे पड़े हुए है।मंत्री गांव आता नही प्रधान सुनती नही है,पति प्रधानी चलाता है।प्रधानमंत्री मोदी की स्वच्छ भारत मिशन योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।जबकि पूरी पंचायत ओडीएफ हो चुकी है। पड़ताल के लिए गांव भर्रापुर पहुंचे रिपोर्टर के सामने ग्रामीणों ने अपनी आप बीती बताई।

भर्रापुर गांव निवासी उमाकांत पुत्र जय नारायण ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता है घर मे शौचालय नही है परिवार के सभी लोग खुले में शौच जाते हुए बहुत परेशानी होती है कई बार शौंचालय की मांग की लेकिन कोई सुनने बाला नही है।

 

सीमा देवी पत्नी कपिल ने बताया कि उसे अभी तक शौचालय नही मिला है।खुले में शौच करने जाते है धूप और बारिश में बहुत दिक्कत होती है खुले में शौच जाने में बहुत बुरा लगता है।सामुदायिक शौचालय में ताला पड़ा रहता है।

 

रेखा देवी पत्नी अर्जुन सिंह ने बताया कि घर मे शौचालय नही है कई बार मांग की लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई।सभी सदस्य खुले में शौच करने जाते है।घर के बाहर शौच जाने से लज्जा आती है।सामुदायिक शौचालय बन्द पड़ा हुआ है।

गांव निवासी महताब सिंह पुत्र राजाराम ने बताया कि उसे शौचालय मिला था लेकिन न तो उस पर दरवाजा लगाया गया और छत डाली गयी वह अधूरा ही पड़ा हुआ है।जिससे वह उपयोग में नही है खुले में शौच करने जाते है।मंत्री और प्रधान सुनते नही है।

भर्रापुर निवासी चंदा वटी पत्नी बालादीन को शौचालय मिला था लेकिन अधूरा ही बनवाया गया न तो उसमें दरवाजा लगा है और न ही छत पड़ी हुई है अधूरे पड़े शौचालय में जलाने का ईंधन रखा हुआ।सभी खुले में शौच जाते है।पंचायत के मजरा श्यामपुर अड्डा निवासी रामदेवी पत्नी श्यामू ने बताया कि वह बहुत गरीब है पति मजदूरी करता है घर में शौचालय नही है खेतों में शौच करने जाते है।कई बार मांग की लेकिन कोई सुनने बाला नही है।

 

भर्रापुर में बने सामुदायिक शौचालय में ताला पड़ा रहता है उसका समर भी खराब पड़ा हुआ है, छत का लेंटर एक स्थान पर टूटा हुआ है उसमे काफी बड़ा होल हो गया है सफाई कर्मी आता नही कुछ वर्ष पहले शौचालय का जीर्णोद्धार कराया गया था लेकिन आज भी उपयोग में नही है शौचालय के सामने बिछी इंटरलाकिग एक किनारे पर धस गयी है।ग्रामीण महिलायें और पुरूष इसका उपयोग नही कर पा रहे है।चालू न होने से ग्रामीण खुले में शौच जाते है जबकि लाखों की लागत से बना शौचालय बेकार साबित हो रहा है।