औरैया (दीपक पांडेय) कृषी विज्ञान केंद्र परवाहा पर पोषण वाटिका महाअभियान मनाया गया।

प्रधान मंत्री के जन्मदिन के अवसर पर बृक्षारोपण कार्यक्रम एवम पोषण वाटिका अभियान मनाया गया।

 

आये हुए किसानों को पोषण वाटिका किट एवम एक एक फलदार पौधा वितरित किया गया।

 

शुक्रवार को सरपंच समाज कृषि विज्ञान केंद्र के प्रांगण में कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा- औरैया एवं इफको के संयुक्त तत्वाधान में भगवान विश्वकर्मा पूजा एवं भारत के प्रधानमंत्री, माननीय नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में पोषण वाटिका महा अभियान एवं वृक्षारोपण एवं पौधा वितरण के साथ-साथ पोषण वाटिका किट का वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपनिदेशक कृषि डा. अशोक तिवारी, विशिष्ठ अतिथि इफको के मुख्य प्रबंधक विपणन जसवीर सिंह, जिला कृषि शैलेन्द्र कुमार वर्मा एवं ए.आर. कॉपरेटिव कमला कान्त रहे साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र औरैया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड डॉ अनंत कुमार, इफको औरैया के जिला प्रबंधक प्रेम राज शर्मा, केंद्र के पशुपालन विशेषज्ञ श्री ब्रज विकास सिंह, उद्यान विशेषज्ञ डॉक्टर आई.पी. सिंह, मृदा विशेषज्ञ डॉ चंदन सिंह, गृह विज्ञान विशेषज्ञ रश्मि यादव, पौध संरक्षण के श्री अंकुर झा एवं केंद्र के समस्त स्टाफ के साथ एक सैकड़ा कृषक एवं महिला कृषक उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में सभी कृषकों एवं कृषक महिलाओं को 1-1 फलदार पौधा एवं पोषण वाटिका के बीजों की किट का वितरण किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री, नरेंद्र सिंह तोमर जी ने जूम मीटिंग एप द्वारा ऑनलाइन कृषकों को संबोधित किया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड, डॉ अनंत कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उपनिदेशक कृषि डा. अशोक तिवारी ने फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर देते हुए संतुलित पोषण एवं वृक्षारोपड़ पर प्रकाश डाला, विशिष्ठ अतिथि श्री जसवीर सिंह जी ने इफको द्वारा कृषकों को दी जाने वाली सुविधाएं एवं इफको के उत्पादों पर चर्चा की। जिला कृषि अधिकारी एवं ए.आर. कॉपरेटिव औरैया ने विभागीय योजनाओं पर प्रकाश डाला। केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक, डॉ. आई पी सिंह जी ने वृक्षों की महत्ता एवं वृक्षारोपण का मानव जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला तथा केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ रश्मि यादव ने मानव स्वास्थ्य में संतुलित पोषण का महत्व एवं पोषण वाटिका स्थापित करने पर वार्ता की। कार्यक्रम की संचालन केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक श्री बृज विकास सिंह ने किया।