औरैया (दीपक पांडेय) लोक अदालत का हुआ भव्य आयोजन।

निस्तारण के पिछले सारे रिकॉर्ड टूटे।

लोक अदालत में सर्वाधिक मामले हुए निस्तारित।

 

शनिवार को न्यायमूर्ति गौतम चौधरी प्रशासनिक न्यायालय सत्र संभाग औरैया के निर्देशन में जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय औरैया एवं बाह्य न्यायालय बिधूना तथा जनपद औरैया के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में जिला जजी के सभी अधिकारी गण के साथ -साथ प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय एवं अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत एवं बार के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 6289 मुकदमे निस्तारित किए गए। सर्वाधिक मामले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, औरैया के न्यायालय से तय हुए। इस दौरान करीब 15972849 रुपए अर्थ दंड भी वसूला गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव दिवाकर कुमार ने बताया कि जनपद न्यायाधीश औरैया की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में 3360 मुकदमा तय किए गए। जनपद न्यायाधीश श्री अनिल कुमार वर्मा द्वारा 12 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अध्यक्ष मंजीत सिंह ने कुल 80 क्लेम तय कर पीड़ितों को 11595000 रुपए का प्रतिकर अवार्ड दिया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रनन्जय कुमार वर्मा ने 103 वाद तय किए। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष एके उपाध्याय द्वारा कुल 2 वाद, अपर जिला जज प्रथम राजेश चौधरी के द्वारा 14 वाद, विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट मीनू शर्मा द्वारा 4 वाद, विशेष न्यायाधीश पाक्सो स्वप्ना सिंह द्वारा 4 वाद, सुनील कुमार सिंह अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय द्वारा विद्युत के वाद 457 वाद, जीवक कुमार सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 1038 वाद, शिवांगी त्यागी सिविल जज द्वारा 22 वाद, मेहर जहां सिविल जज द्वारा 233 वाद, प्रियल शर्मा न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 123 बाद, दूरस्थ न्यायालय बिधूना में तैनात सुरमिश्री गुप्ता सिविल जज द्वारा 212 बाद एवं नेपाल सिंह अपर सिविल जज बिधूना जिला औरैया द्वारा 835 वाद, राजस्व विभाग द्वारा 2923 वाद, बैंक रिकवरी के कुल 201 मामले निस्तारित किए गए हैं।जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि इस लोक अदालत में सर्वाधिक मामले निस्तारित किए गए इससे पहले आयोजित किसी भी लोक अदालत में इतने मामले निस्तारित नहीं किए गए थे। आज की लोक अदालत ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि वह गरीब से गरीब व्यक्ति को न्याय मिले, उसको कोर्ट कचहरी के ज्यादा चक्कर न काटने पड़े इस उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक आदालत का आयोजन कर जनता की लम्बे समय से चले आ रहे मुकदमों का निस्तारण शीघ्र कर उन्हें न्याय मिले। सरकार चाहती है, जनता का समय, पैसे की बचत के साथ ही न्याय सभी एक जगह पर सुलभ तरीके से प्राप्त हो, यही सरकार की मंशा है । ऐसे आयोजन कर जनता के प्रति न्याय दिलाने की अच्छी पहल है। उन्होंने वहां उपस्थित फरयादियों की समस्याओं को सुना और सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे गुणवत्तापूर्ण मुकदमों का निस्तारण कर न्याय दिलाये।