कानपुर निष्पक्ष जन अवलोकन नारायण शुक्ला

 

कानपुर के चर्चित बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद विकास दुबे को फरार होने में मदद करने के आरोपी जयकांत वाजपेई और असलहे, कारतूस मुहैया कराने के आरोपी प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई की गई है। इसके लिए पुलिस ने सिफारिश की थी, जिस पर जिलाधिकारी ने मुहर लगा दी है। चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात जघन्य हत्याकांड के बाद पुलिस ने 35 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें ब्रह्मनगर निवासी जयकांत वाजपेई और आर्यनगर निवासी प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू के भी नाम हैं। बिकरू कांड को अंजाम देने में अप्रत्यक्ष रूप से इन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई थी। जयकांत वाजपेई को विकास दुबे का खजांची बताया जाता है। उसके काले कारनामों से इकट्ठा धन को बढ़ाने और औनेपौने दामों में खरीदी व कब्जा की गई संपत्तियों को बेचकर विकास को आर्थिक लाभ पहुंचाने में जय की भूमिका पाई गई है।

पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास के शहर से फरार होने के लिए उसे गाड़ियां मुहैया कराने का आरोप भी जय पर लगा था। हालांकि, विकास इन गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं कर पाया था। इनमें से एक वाहन प्रशांत शुक्ला के नाम पर मिला था।

पुलिस का कहना है कि बिकरू कांड के लिए असलहों की व्यवस्था करने के लिए जय ने ही एक दिन पहले आर्थिक मदद की थी। वहीं, प्रशांत शुक्ला पर आरोप है कि वह असलहों का व्यापार करता है।

उसने ही विकास दुबे को भारी संख्या में असलहे और कारतूस मुहैया कराए थे। हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों को विकास तक पहुंचाने में प्रशांत की मुख्य भूमिका बताई गई थी।

: इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने जय और प्रशांत पर रासुका की कार्रवाई की संस्तुति की थी, जिस पर जिलाधिकारी ने भी मुहर लगा दी। एडीजी जोन भानु भास्कर ने बताया कि अब तक आधा दर्जन आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई है।