निष्पक्ष जन अवलोकन।
नितेश मिश्रा।
बाराबंकी। बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं में पोषण के स्तर में सुधार लाए जाने के उद्देश्य से ‘‘राष्ट्रीय पोषण’’ माह प्रत्येक वर्ष सितम्बर माह में मनाया जाता है। पोषण हेतु जन आन्दोलन की गति को बनाए रखने हेतु भारत सरकार द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 01 सितम्बर से 30 सितम्बर तक चतुर्थ राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया जा रहा है, जिसके परिप्रेक्ष्य में शासन द्वारा दिशा निर्देश निर्गत किए गए है।

उक्त के क्रम में जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी एकता सिंह बताया है कि प्रथम सप्ताह में सरकारी स्कूलों, आवासीय स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायत की अतिरिक्त भूमि पर पोषण वाटिका की स्थापना हेतु पौधारोपण अभियान चलाया जायेगा, जिसमें गर्भवती महिलाओं के पोषण के संबंध में स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से कोविड टीकाकरण पर एवं विशेष कैम्प का आयोजन एवं मातृत्व वंदना सप्ताह का आयोजन किया जायेगा।

इसी क्रम में द्वितीय सप्ताह में योग एवं आयुष(बच्चों, किशोरी बालिकाओं तथा गर्भवती महिलाओं को केन्द्रित करते हुए योग सत्रों का आयोजन किया जायेगा। राज्य स्तरीय वेबीनार एवं गर्भवती व धात्री महिलाओं हेतु ग्राम, ब्लाक व जनपद स्तर पर रेसीपी प्रतियोगिता का आयोजन होगा। द्वितीय सप्ताह में ही वाश डे का आयोजन करते हुए साफ सफाई एवं स्वच्छता का पोषण से संबंध के बारे में जागरुकता कार्यक्रम, ग्राम प्रधान के सहयोग से आंगनवाड़ी केन्द्र स्वच्छता दिवस का एवं गृह आधारित गोदभराई का आयोजन किया जायेगा।

आगे बोलते हुए उन्होंने कहा तृतीय सप्ताह में पोषण संबंधी प्रचार-प्रसार सामग्री, अनुपूरक पुष्टाहार आदि का वितरण किया जायेगा। स्थानीय खाद्य पदार्थ पर जन जागरुकता तथा अनुपूरक पोषाहार का वितरण होगा, जिसमें ग्राम स्तर पर तीन दिवसीय पोषण उत्सव का आयोजन ग्राम प्रधान के सहयोग से पोषण पंचायत का आयोजन जिसमें स्थानीय खाद्य उत्पाद का प्रोत्साहन दिया जायेगा। संभव अभियान के अन्तर्गत 0-5 वर्ष तक के बच्चों का पुनः वजन तथा लम्बाई/उंचाई का माप तथा पोषण श्रेणी का निर्धारण होगा।

इसी तरह चतुर्थ सप्ताह में सैम व मैम बच्चों के चिन्हाकन एवं पोष्टिक भोजन की जन जागरुकता कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें राज्य स्तरीय वेबीनार, चिन्हित सैम/मैम बच्चों के घर गृह भ्रमण करते हुए गृह आधारित देखभाल जानकारी दी जायेगी। चिन्हित सैम/मैम बच्चों के परिवारों हेतु पाक्षिक सत्र आयोजित होगा। अतिकुपोषित बच्चों का अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण, पोषण क्विज का आयोजन, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्तनपान व ऊपरी आहार पर चर्चा एवं जन जागरुकता कार्यक्रम तथा दो वर्ष तक के बच्चों पर गृह आधारित अन्नप्राशन मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्र, ब्लाक एवं जनपद स्तर पर आयोजित पोषण की गतिविधियों में व्यापकता लाने के उद्देश्य से जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा निर्गत दिशा निर्देश के अनुपालन में पोषण संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कोविड-19 के दिशा निर्देशों के अन्तर्गत कराए तथा आयोजित की जाने वाली गतिविधियों को भारत सरकार द्वारा विकसित पोर्टल www.poshanabhiyaan.gov.in पर दैनिक आधार पर अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें।