*प्रदेश अध्यक्ष चद्रशेखर यादव ने किया संगठन के नए प्रतीक चिन्ह का उदघाटन

निष्पक्ष जन अवलोकन।
लखनऊ। ग्राम पंचायत सदस्य एसोसिएशन उत्तर प्रदेश में अब नए प्रतीक चिन्ह से पहचाना जाएगा। आज ग्राम पंचायत सदस्य एसोसिएशन के प्रदेश कार्यालय पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने संगठन के नए प्रतीक चिन्ह का उदघाटन किया।इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने ग्राम पंचायत सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सदस्यों का शोषण अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा पंचायत सदस्यों की बुनियादी समस्याओं और लोकतंत्र के अंतर्गत सत्ता के विकेंद्रीकरण, ग्राम सभाओं की मजबूती तथा वास्तविक अर्थों में ग्राम स्वराज कैसे हासिल हो सकता है, इस पर चर्चा की गई। सदियों से ही चली आ रही पंच परमेश्वर और उसकी पंचायत ग्रामीण विकास और व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है। वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश जहां देश का सबसे बड़ा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा 58000 ग्राम पंचायतें कार्यरत है। उक्त 58000 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत तकरीबन सात लाख पचास हजार ग्राम पंचायत सदस्य सीधे तौर पर जनता से निर्वाचित होकर आते हैं। उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के अनुसार जिन के संयोजन से ही ग्राम प्रधान का निर्वाचन होता है। इस तरह से लोकतंत्र की ऊंची इमारत की नींव की ईंट के रूप में ग्राम पंचायत सदस्यों की भूमिका को स्वीकार किया गया है। इसके बावजूद इन सदस्यों की सहभागिता को नगण्य करने की साजिश रची जा रही है, क्योंकि सरकार ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए न तो किसी प्रकार के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी महसूस करती है और न ही उनको किसी तरह की विकास निधि या भत्ता ही दिया जा रहा है। संगठन के नए प्रतीक चिन्ह के उदघाटन के अवसर पर ग्राम पंचायत सदस्य एसोसिएशन के प्रदेश विधिक सलाहकार आशुतोष श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि यदि वास्तविक रूप से रामराज्य लाना है तो पंचायत सदस्यों की भूमिका को मजबूत किया जाना चाहिए। इसके लिए ग्राम पंचायत सदस्यों को ₹2000 प्रतिमाह भत्ता प्रदान किया जाए, वार्ड के विकास हेतु वार्ड विकास निधि सदस्यों को अलग से दिलाई जाए, ग्राम पंचायत सदस्यों को अपने वार्ड के विकास हेतु कार्य योजना बनाने का भी अधिकार प्रदान किया जाए। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एम एस सिद्दीकी ने कहा कि ग्राम पंचायत सदस्य अपनी पहचान ही सुरक्षित रख पाने में नाकाम हुए हैं। इसलिए संगठन प्रदेश सरकार से यह मांग करता है कि शीघ्र ही उत्तर प्रदेश के समस्त नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्यों को सक्षम अधिकारी द्वारा पहचान पत्र उपलब्ध कराए। इस अवसर पर आईटी सेल के प्रदेश कोऑर्डिनेटर योगेश जायसवाल ने ग्राम पंचायत सदस्यों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया और ग्राम पंचायतों में मची लूट और भ्रस्टाचार को खत्म करने के लिए आगे आएं। नए प्रतीक चिन्ह के उदघाटन कार्यक्रम का संचालन करते हुए संगठन के प्रदेश महासचिव नीरज शर्मा ने कहा कि सरकार को सत्ता के विकेंद्रीकरण और महात्मा गांधी तथा विनोबा भावे के ग्राम स्वराज का सपना तब तक अधूरा रहेगा जब तक पंचायतों के नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्य मजबूत नहीं होंगे। प्रशिक्षण के अभाव में सदस्य अपने अधिकारों से अनभिज्ञ हैं लिहाजा वह केवल मूकदर्शक मात्र बनकर रह गए हैं। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दिनेश चंद्र, छविनाथ यादव (सेवानिवृत्त प्राचार्य डायट), प्रदेश मीडिया प्रभारी शैलेंद्र यादव सतगुरा देवी, गीता वर्मा, अनुज वर्मा, अमित गुप्ता, भगवतशरण वर्मा, अरुण यादव, रमेश चंद्र यादव, चंदन रावत, सुनील यादव, रामेश्वर यादव, श्याम किशोर गुप्ता, विनोद पाल, मुकेश यादव, चंद्र प्रकाश गुप्ता समेत प्रदेश के अन्य जनपदों से आए सैंकड़ो ग्राम पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।