औरैया (दीपक पाण्डेय) एक ऐसा गांव जहां विकास के नाम पर लोगों के साथ किया गया छलावा।

 

बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में आई विकास कार्य की सामने आई हकीकत गांव वालों की दशा देखकर आप का भी दिमाग चकरा जाएंगा।आज तक होता रहा विकास के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी।

जहां पर विकास कार्य हुआ ही नहीं और लेखा जोखा में आरसीसी की गलियां दर्शा दी गई।जिस चकरोड पर नरेगा का कार्य हुआ ही नहीं वहां पर लगा दिया गया विकास कार्य की फटका।ग्रामीणों ने लगाए भूतपूर्व प्रधान ब ग्राम विकास अधिकारी पर गंभीर आरोप।ग्रामीणों ने बताया 50-50 दिन मनरेगा में कार्य किया गया लेकिनआज तक किसी भी मजदूर को नहीं मिली मजदूरी।

ग्राम प्रधान व ग्रामविकास अधिकारी की मिलीभगत से मजदूरों का पैसा हड़पा गया

मजदूर एक-एक दाने को हुए मोहताज।

गांव में यमुना नदी का गंदा पानी चारों तरफ से भर जाने के कारण बीमारी ने फैलाये पाँव।

कई मकान हुए ध्वस्त ग्राम प्रधान की मेहरबानी से इन गरीब लोगों को नहीं मिले आज तक शौचालय व आवास

जहां पर वृद्ध महिलाओं को मृत घोषित कर उनकी पेंशन भी रुकवा दी जाती है ऐसे हैं माननीय लोगों के कारनामा

जहां पर प्राइमरी स्कूल के चारों तरफ गंदगी का अंबार नहीं पहुंचते आज तक सफाई कर्मी शौचालय से लेकर प्राइमरी स्कूल की हालत बनी खस्ता।जहां पर आज तक ग्राम प्रधान के द्वारा नहीं किया गया कोई विकास कार्य।

यह मामला जनपद औरैया के विकासखंड औरैया के ग्राम पंचायत मई मानपुर से निकल कर आ रहा है जहां पर ग्राम वासियों ने पूर्व प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप ग्रामीणों ने बताया यहां पर विकास कार्य के नाम पर लोगों के साथ विश्वासघात होता आ रहा है इस ग्राम पंचायत में जो भी विकासकार्य हुए हैं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद के द्वारा किए गए हैं आज तक ग्राम प्रधान ने इन ग्राम वासियों को न आवास दिए न शौचालय दिए गए न गलियों का निर्माण किया गया यह ग्राम नौरी व मई मानपुर की रहने वाली लोगों ने आरोप लगाए हैं एक वृद्ध महिला का यहां तक कहना है कि मेरी उम्र लगभग 100 वर्ष हो चुकी है यहां प्रधान ने मुझे मृत दर्शा कर मेरी वृद्धा पेंशन भी कटवा दी गई मैंने उच्च अधिकारियों के सामने अपने को जीवित साबित करने के लिए कई शिकायती पत्र दिए लेकिन आज तक किसी भी उच्च अधिकारी ने मेरी फरियाद नहीं सुनी ना ही मुझे न्याय मिला ना ही मुझे आज तक वृद्धा पेंशन मिलनी शुरू हुई गांव की महिलाएं व पुरुषों ने पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया की मनरेगा में 50 50 दिन काम करने के बावजूद भी हम लोगों की मेहनत मजदूरी नहीं दी गई और जिस शत्रुओं पर मनरेगा का काम हुआ ही नहीं उस चक्र के निर्माण का भी फर्जी तरीके से पटका लगा दी गई और फर्जी तरीके से कार्य करने का रुपए भी निकाल लिए गए यहां के लोग नर की जीवन जीने को मजबूर हैं आज तक शासन प्रशासन द्वारा इस बाढ़ पीड़ित गांव के लोगों को किसी भी तरह की सहायता राशि नहीं दी गई ना आज तक कोई उच्च अधिकारी इस गांव की हालत देखने को आया यह सब गांव वालों ने मीडिया के सामने अपने अपनी परेशानियों के बारे में बताया।

अब देखना यह है कि इन गांव वाले की परेशानियों को शासन प्रशासन उचित कदम उठाता है या नहीं क्या भ्रष्टाचार करने वाली माननीयों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा या नहीं या मेहनत मजदूरी करने वालों को मजदूरी दिला पाने में ठोस कदम उठाते हैं या नहीं इन वृद्ध महिलाओं व पुरुषों की पेंशन बहाल कराने में क्या कदम उठाते है या नहीं।योगी जी अगर आप एक बार इन गरीब लोगों की दशा देख ले तो आप भी हो जाएंगे हैरान आपके शासन में गरीबों को नहीं मिल पा रहा है कोई न्याय और न ही इनकी सुनी जाती है कोई फरियाद आपके माननीय विकास कार्य कराने में हुए सबसे पीछे।