औरैया (दीपक कुमार पाण्डेय )फाइलेरिया उन्मूलन के लिए घर घर दी जाएगी दवा – डॉ०शिशिरपुरी।

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एमडीए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के तहत आगामी 21 दिसंबर 2020 से 8 जनवरी 2021 तक स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा घर- घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा पहुंचाई जाएगी। इस दवा को स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने ही सेवन कराएंगे। उपरोक्त जानकारी शनिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय औरैया में डॉक्टरों की टीम द्वारा मीडिया ब्रीफिंग के तहत दी गई है। नोडल अधिकारी डॉ० शिशरपुरी ने शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया की वर्ष 2025 तक फाइलेरिया का पूरी तरह से उन्मूलन कर दिया जायेगा। इसके लिए घर -घर जाकर दबाएं दी जाएगी। फाइलेरिया की दवा को खाना खाने के बाद खाया जाएगा। इसके लिए दो- दो लोगों आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने इसके लिए जनपद में 1500 टीमें नियुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिसमें आशा एवं आंगनवाड़ी एनजीओ से इमदाद ली जाएगी। घर-घर जाकर दवा वितरण का काम 11 से 5 बजे के मध्य किया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट टीम के द्वारा सुपरवाइजर को देनी होगी। कहा कि 2 वर्ष से नीचे के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को तथा गंभीर डायविटीज के मरीज को यह दवा नहीं दी जाएगी। यह कार्यक्रम जन समुदाय के तहत ग्रामीणांचलों एवं विभिन्न कस्वों में चलाया जाएगा। इसके लिए वह 20 एवं 21 दिसंबर को मैसेज करेंगे। आगे उन्होंने कहा कि दवा खाने से कीटाणु मरते हैं। उन्होंने बताया कि उल्टी होना तथा जी मिचलाना इसके लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों को लाने व ले जाने के लिए एंबुलेंस एवं आरआरटीम मौजूद रहेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सर्वे लिस्टिंग की जाएगी। दवा नही खिलाने का कारण रिपोर्ट में लिखना होगा। लखनऊ से आये डॉक्टर पंकज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि फाइलेरिया की दवा प्रत्येक व्यक्ति को खिलानी है। इसके लिए ट्रेनिंग शुरू की गई है। सर्वे के दौरान फाइलेरिया के मरीजों एवं हाइड्रोसील के मरीजों की तलाश की जाएगी। हाथी पांव का इलाज करने का प्रयास किया जाएगा। कहा कि 5 साल तक दवा खाने से फाइलेरिया नहीं होता है। इस मौके पर सीएमएस डॉ० लाखन सिंह व डॉ० विजय कुमार मौजूद रहे।