औरैया (दीपक पाण्डेय)प्रशिक्षण की मांग को लेकर चल रहा है अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन।

संक्रामक रोगों के रोकथाम के फ्रंटल इकाई स्वास्थ्य कार्यकर्ता संविदा एम.पी.डब्ल्यू.द्वारा महानिदेशालय परिवार कल्याण परिसर में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन का आज 21 वें दिन भी रहा जारी.।

 

 

 

आज संविदा एमपीडब्ल्यू द्वारा महानिदेशालय परिवार कल्याण परिसर में अपने प्रशिक्षण की मांग को लेकर 21 वे दिन भी धरना जारी रखा एवं अपने प्रशिक्षण की मांग को दोहराते हुए औरैया जिलाअध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बताया कि निजी क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध ना होने के कारण हम लोग दर-दर भटक रहे हैं।भारत सरकार द्वारा जारी मेमोरेंडम के आधार पर जिला स्वास्थ समिति के माध्यम से हम लोगों की चयन प्रक्रिया पूर्ण हैं। अनुबंध पत्र में संविदा कार्मिकों के चयन के उपरांत राज्य स्तर पर कंटीन्यू किए जाने की व्यवस्था विद्यमान थी।इस उपबंध के चलते प्रार्थीगणों ने संविदा एम.पी.डब्ल्यू.के पद पर कार्य करना सुनिश्चित किया था परंतु संविदा समाप्त होने के उपरांत राज्य सरकार कंटीन्यूटी का कोई प्रावधान नहीं किया गया जिसके चलते हम लोगों को माननीय उच्च न्यायालय से अंतरिम आदेश प्राप्त करना पड़ा। न्यायालय से प्राप्त अंतरिम आदेश में हम संविदा कार्मिकों को मानदेय देने का आदेश दिया गया है महानिदेशालय परिवार कल्याण द्वारा हम संविदा कार्मिकों को प्रशिक्षण दिए जाने की प्रबल संस्तुति का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।सभी औपचारिकताएं पूर्ण हैं परंतु शासन स्तर पर पिछले 3 वर्षों से यह लंबित है।

संगठन संरक्षक श्री विनीत मिश्रा जी के द्वारा बताया गया कि सभी योजनाओं का उद्देश्य अत्यंत पवित्र होता है परंतु योजनाओं को क्रियान्वित कराने वाले अधिकारीगणों के दांव-पेंच के चलते दिक्कतें उत्पन्न होती हैं यह परियोजना इसका जीता जागता उदाहरण है।विभागीय पत्रावली पूर्ण होने के उपरांत भी प्रशिक्षण पाने के लिए हम कार्मिकों को तमाम तरह के उपाय करने पड़ रहे हैं एक तरफ न्यायालय में अवमाननावाद वाद की लड़ाई लड़ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ महानिदेशालय परिसर में उतर कर आंदोलन कर रहे हैं। लोकतांत्रिक अधिकारों की सर्वोच्च विधाई संस्था विधान-सभा उत्तर प्रदेश में इस विषय को माननीय विधानसभा की माननीय याचिका समिति में स्थापित किया गया है यह समिति लघु सदन ही है जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी माननीय गणों द्वारा हम प्रार्थी गणों को प्रशिक्षण कराए जाने हेतु अपर मुख्य सचिव महोदय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को तथ्यों के आधार पर निर्देश दिए गए हैं इसके बावजूद अपर मुख्य सचिव महोदय ने उच्च न्यायालय खंडपीठ इलाहाबाद में 06 वर्षों के उपरांत विशेष अपील याचिका योजित की है यह शासन के दुराग्रह और अन्याय पूर्ण रवैया को परिलक्षित करता है संक्रामक रोगों के रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपर मुख्य सचिव द्वारा इस तरह का हाठी रवैया अपनाए जाने से हम संविदा कार्मिक दु:खी एवं परेशान हैं संगठन पदाधिकारी श्री दीपक त्रिपाठी जी ने अपर मुख्य सचिव महोदय से मार्मिक अपील करते हुए निवेदन किया कि हम संविदा कार्मिकों को विभागीय प्रशिक्षण देकर हेल्थ एंड वैलनेस उप केंद्रों के संविदा पदों पर नियुक्ति प्रदान करें जिससे प्रदेश की जनता को संक्रामक बीमारियों से निजात मिल सके। जनपद मुजफ्फरनगर के संगठन सदस्य हरिओम जी ने बताया कि आज मुझे धरना स्थल पर 21 दिन हो गए बेरोजगार के रूप में घर जाने से भी डर लगता है उन्होंने दिल का दर्द बयान करते हुए कहा संक्रामक रोगों की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषय पर इस तरह की अल्प योजनाएं बनाकर ग्रामीण स्वास्थ्य को सुदृढ़ नहीं किया जा सकता इससे जहां कहीं ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराती है वही इन योजनाओं में लगे हुए युवाओं को बेरोजगारी का दर्द झेलना पड़ता है एक बार संविदा पर नियोजित होने के उपरांत मात्र 03 वर्षों में ही प्रशिक्षण के नाम पर बेरोजगार हो जाना तकलीफ देता है अधिकारियों और सरकार को यह बात समझनी चाहिए तथा प्रशिक्षण दिलाने का कार्य करना चाहिए।