कानपुर निष्पक्ष जन अवलोकन नारायण शुक्ला

 

कानपुर में गरीबों को मुफ्त और अच्छा इलाज मिले इसके लिए सरकार ने जरूरतमंदों के आयुष्मान कार्ड बनाए हैं। सरकार ने योजना तो ला दी लेकिन इसको जमीन पर साकार करने वाले जिम्मेदार शायद गंभीर नहीं हैं। गुरुवार रात से शुक्रवार तक भटके शास्त्री नगर निवासी राम विलास (65) की इलाज के अभाव में मौत हो गई। वह आयुष्मान कार्ड धारक थे।

 

मृतक के पोते मोहित ने बताया कि बाबा को एक महीने से कमर दर्द की शिकायत थी, वह उठ बैठ नहीं पाते थे। इलाज के लिए एक निजी डॉक्टर को दिखाया तो उसने एक्सरे करवा कर किसी बड़े अस्पताल में दिखाने की बात कही। गुरुवार देर रात तकलीफ बढ़ने पर बाबा को लेकर उर्सला पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने देखने के बाद कहा इनकी कमर में टीबी हो गया है इसका इलाज हैलट में हो पाएगा यहां से ले जाओ।उर्सला से हैलट इमरजेंसी लेकर पहुंचे तो वहां कहा गया की सुबह लेकर आना अभी डॉक्टर साहब नहीं हैं।  शुक्रवार सुबह 9 बजे पर्चा बनवा कर ओपीडी में डॉक्टर आलोक वर्मा को दिखाया तो उन्होंने एमआरआई जांच कराने को कहा। मोहित के अनुसार जब बाबा को लेकर जांच कराने गए तो पता लगा 2 घंटे बाद जांच  हो पाएगी।

 

जांच करवाकर लौटे तो पता लगा डॉक्टर साहब उठ गए थे। बाबा की तकलीफ को देखते हुए तत्काल इमरजेंसी ले गए। वहां पर पर्चा तो बना लेकिन आयुष्मान कार्ड दिखाने के बाद भी बाबा को भर्ती नहीं किया गया। कुछ देर बाद एक डॉक्टर ने आकर दवाइयां लिखी और कहा इसको खिलाओ। सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक भटकने के बाद हम बाबा को घर ले आए जहां उनकी मौत हो गई।