◆पत्रकार व सूचना विभाग का अधिकारी बनकर करते थे ठगी
◆शक के आधार पर वादी ने दर्ज कराया मुकदमा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
◆माइक आईडी, परिचय पत्र एवं विज्ञापन रसीद बरामद, रसीद पर अंकित पता निकल फर्जी
◆ बरामद कार पर लगे सचिवालय के पास ने उठाये कई सवाल!

निष्पक्ष जन अवलोकन।
नितेश मिश्रा।
बाराबंकी।थाना मसौली पुलिस द्वारा 02 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया जो पत्रकार व सूचना विभाग का अधिकारी बनकर लोगों को धमकाकर ठगी करने का काम करते थे।
जनपद में पत्रकारिता का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है, पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि वादी रामविलास पुत्र प्यारे लाल निवासी ग्राम चचेरूवा थाना जहाँगीराबाद जनपद बाराबंकी ने थाना मसौली पर सूचना दिया कि उनकी कस्बा त्रिलोकपुर में दुकान है, दिन में करीब 3 बजे इंडिगो कार नम्बर- UP 32 डीक्यू 3671 से दो व्यक्ति आये और दुकान के बाहर भीतर चेक करने लगे और उन्होंने बताया कि वह दोनों सूचना विभाग से आये है और तुमने दुकान की आड़ मे क्लीनिक खोल रखी है तथा जेल भेजने आदि की धमकी देने लगे। कार्यवाही नहीं करने के एवज मे 5 हजार रूपये जल्दी देने का दबाव बनाने लगे, वादी एवं उनकी बातचीत के दौरान अन्य लोग भी आ गये, बातचीत से लगा वह ठगने आये है । इस सूचना पर थाना मसौली पर मु0अ0सं0-189/21 धारा-419/420/384 भादवि पंजीकृत किया गया।
प्रकरण के संबंध में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी यमुना प्रसाद द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी डॉ0 अवधेश सिंह के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी रामनगर दिनेश कुमार दूबे के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मसौली के नेतृत्व में थाना मसौली पुलिस टीम द्वारा दोनों अभियुक्तगण फहीम अमहद पुत्र बाबू समीर खां पुत्र जहीर खान निवासीगण जरवल रोड थाना जरवल जनपद बहराइच को गिरफ्तार किया गया, अभियुक्तगण का एक साथी वकार अहमद पुत्र अशफाक अहमद निवासी तकिया कस्बा जरवल थाना जरवल रोड जनपद बहराइच मौके से फरार हो गया जिसकी गिरफ्तारी हेतु प्रयास किये जा रहे है।
एसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ से प्रकाश में आया कि अभियुक्तगण शातिर ठग है इनके द्वारा छोटे कस्बों में भोले-भाले आदमियों, ग्राम प्रधानों एवं दुकानदारों को निशाना बनाया जाता है। अभियुक्तगण कभी मीडिया कर्मी बनकर, कभी सूचना विभाग का अधिकारी बनकर और कभी आर्केस्ट्रा प्रोग्राम कराने के नाम पर लोगों को धमका कर 500/-रूपये से लेकर 5000/- रूपये तक की मांग की जाती है। अभियुक्तगण अपनी इंडिगो कार नम्बर UP 32 डीक्यू 3671 में सचिवालय का पास लगाकर बताया जाता है कि उनका आना-जाना सचिवालय में भी है। इस तरह से इनके द्वारा लोगों को अदब में लेकर रूपये वसूल जाते है और फरार हो जाते है। इनके द्वारा अब तक बहराइच में 500 से अधिक घटनाएं करना स्वीकार किया है। जिसमें इनके द्वारा नकद के रूप में 500/- से लेकर 5000/- रूपये तक की ठगी की गयी । अभियुक्तगण द्वारा 500/- से लेकर -5000/- के बीच रूपये की मांग इसलिए की जाती है कि कम मांग करने पर लोग रूपये आसानी से तुरन्त दे सके ।
इनके पास से बरामद वर्ड मैसेज हिन्दी समाचार पत्र की विज्ञापन रसीद में आवास–विकास बाराबंकी में ऑफिस का पता लिखा गया है जो कि पूर्णतया फर्जी पाया गया । अभियुक्तगण के बारे में बहराइच व अन्य जनपदों से भी सम्पर्क कर आवश्यक जानकारी हासिल की जा रही है।