लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के महोबा में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले बीपीएल लाभार्थियों के बीच एलपीजी का कनेक्शन वितरित कर उज्ज्वला योजना के द्वितीय चरण की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृहणियों का दिल जीत लिया है, क्योंकि सबसे बड़ी समस्या ईंधन की होती थी और उसके साथ ही धुंआ उन्हें तरह तरह की बीमारियों का शिकार बना देता था। गरीबी सबसे ज्यादा परेशान करती है ऊपर से इलाज का खर्च कमर तोड़ देता है। अब पहली बार की गैस फ्री और चूल्हा भी मुफ्त। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस योजना के लाभार्थियों से संवाद भी किया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0 के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड के दौरान पीएम मोदी ने लाभार्थियों को 6 महीने के लिए मुफ्त सिलेंडर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले, कई लोगों के पास रसोई गैस कनेक्शन और गैस सिलेंडर नहीं था। इस साल बजट में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत अतिरिक्त 1 करोड़ एलपीजी कनेक्शन देने की घोषणा की गई थी। पहले चरण में इस सुविधा से वंचित रह गए लोगों को द्वितीय चरण में मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इस चरण में लाभार्थियों को पहली रिफिल मुफ्त में उपलब्ध कराने के साथ ही चूल्हा भी मुफ्त प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उज्ज्वला 2.0 योजना में उन प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है जो पहले पते के प्रमाण के अभाव में इस योजना से वंचित रह गए थे। अब एलपीजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिए प्रवासी मजदूरों को राहत दी गई है। महोबा के बदरिया की निवासी मंजू देवी कहती हैं कि उज्जवला योजना से गैस कनेक्शन मिल गया, अब चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिल गई। धुंए से सिर दुखता था। अब भोजन बनाने में अच्छा लगता है। वही महोबा की ममता कहती हैं कि चूल्हे का धुंआ आँख और नाक में घुस जाता था लेकिन उज्जवला से कनेक्शन मिलते ही यह संकट खत्म हो गया है। मौदहा निवासी रजिया बेगम का भी उज्ज्वला योजना के लिए कुछ ऐसा ही नजरिया है। बड़ी खुश हैं सिलेंडर और चूल्हा पाकर। गूढा की रहने वाली हीरामणि का भी खाना बनाने के कारण धुंए से सिर दुखता था लेकिन अब उनका भी संकट सरकार ने दूर कर दिया है, ऐसा हीरामणि कहती हैं।