*प्रदेश सरकार की उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों के जीवन में लायेगी रोशनी

निष्पक्ष जन अवलोकन।
नितेश मिश्रा।
बाराबंकी। वैश्विक स्तरपर कोविड-19 महामारी का प्रकोप पूरे विश्व की जनसंख्या को प्रभावित किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता व संरक्षकों को खोने वाले बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा एवं संरक्षण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारम्भ किया गया।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अन्तर्गत जनपद बाराबंकी में 64 बच्चों को स्वीकृति प्रमाण पत्र जिलाधिकारी डाॅ0आदर्श सिंह द्वारा दिया गया।
प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से कई परिवार के कमाऊ व्यक्ति की मृत्यु भी हो गई जिसके कारण सम्बन्धित परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। कई ऐसे परिवार भी रहे जिनमें केवल बच्चे ही बचे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के देखभाल, पालन-पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा हेतु ’’उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ लागू की है।

इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के ऐसे सभी बच्चे जिनके कमाऊ माता-पिता या दोनों की कोविड-19 महामारी के संक्रमण से मृत्यु हो गई है। प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों की जानकारी एकत्रित करा रही है। इस योजनान्तर्गत शून्य से 18 वर्ष की आयु तक के ऐसे सभी बच्चे जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु कोरोना महामारी से हुई हो, या जिनके माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु 01 मार्च, 2020 से पूर्व हो गई थी तथा दूसरे की मृत्यु कोरोना काल में हुई हो, या जिनके माता-पिता की मृत्यु पूर्व में हो गई हो तथा उसके वैध संरक्षक की मृत्यु कोरोना से हुई हो।

इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो। परिवार की आय 3 लाख वार्षिक से अधिक न हो। इस योजना के अन्तर्गत देय लाभ की श्रेणियों के 0 से 10 वर्ष तक की आयु के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में रू0 4000/- (रू0 चार हजार) प्रतिमाह की धनराशि देय होगी। 11 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की कक्षा-12 तक की निःशुल्क शिक्षा हेतु बालकों को अटल अवासीय विद्यालयों तथा बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जायेगा। प्रदेश सरकार अनाथ हुई ऐसी सभी बालिकाओं की शादी हेतु एक लाख एक हजार की राशि उपलब्ध करायेगी।