कानपुर

निष्पक्ष जन अवलोकन नारायण शुक्ला

राकेश ने बताया कि काकादेव के एक निजी अस्पताल में दिखाया पर डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से नौबस्ता के एक अस्पताल ले जाने लगे। राकेश के मुताबिक सुबह करीब 11:30 बजे दादानगर क्रासिंग बंद हो गई।

  1. कानपुर में चौतरफा फैलीं रेलवे क्रासिंग पर लगने वाला जाम जानलेवा साबित हो रहा है। मंगलवार सुबह दादानगर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से एक एंबुलेंस आधा घंटे से ज्यादा देर तक फंसी रही। इस बीच एंबुलेंस में मौजूद वृद्धा मरीज की मौत हो गई।

परिजन उन्हें काकादेव के अस्पताल से रेफर कराकर साउथ सिटी के एक अस्पताल ले जा रहे थे। बांदा के महेश्वरी देवी चौराहे के पीछे रहने वाले राकेश कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब पांच बजे उनकी मां गिनिया (62) घर में अचानक गिर गईं।

इसके बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। वे लोग मां को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो कानपुर ले जाने को कहा। राकेश ने बताया कि काकादेव के एक निजी अस्पताल में दिखाया पर डॉक्टरों ने जवाब दे दिया।

इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से नौबस्ता के एक अस्पताल ले जाने लगे। राकेश के मुताबिक सुबह करीब 11:30 बजे दादानगर क्रासिंग बंद हो गई। इसके बाद वाहनों की लंबी लाइन लग गई। 20 मिनट बाद क्रासिंग खुली लेकिन जाम से निकलने में 15-20 और लग गए।

राकेश के मुताबिक उन लोगों ने एंबुलेंस से उतरकर आसपास के वाहन सवारों से मिन्नतें भी की लेकिन कोई रास्ता देने को तैयार नहीं था। इस बीच मां की सांसें थम गईं। राकेश ने कहा कि अस्पताल पहुंच जाते तो शायद मां की जान बच जाती।इसके बाद परिवार शव लेकर बांदा चला गया।

 

राहगीर और ट्रैफिक पुलिस भी कुछ न कर सकी

वृद्धा की हालत बिगड़ने पर परिजन एंबुलेंस से नीचे उतर आए। जाम से निकलने का रास्ता खोजने लगे। यह देख राहगीर और ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी प्रयास में जुट गए कि किसी तरह से एंबुलेंस निकल जाए लेकिन सफलता नहीं मिली। चौतरफा वाहन फंसे रहे।