अहमदाबाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर को फिर से गुजरात के दौरे पर आ सकते हैं। देव दीवली के मौके पर वह कच्छ में दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा पार्क की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद वह मांडवी में एक नए डिसेलिनेशन संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले वह 30-31 अक्टूबर को गुजरात का दौरा कर सी-प्लेन सहित केवडिया में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। 29 अक्टूबर को भाजपा के दिग्गज नेता केशुभाई पटेल की मृत्यु के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के कार्यक्रम को बदल दिया था। 30 अक्टूबर को केवडिया जाने के बजाय पीएम मोदी दिल्ली से सीधे अहमदाबाद आए। जहां से वह केशुभाई को श्रद्धांजलि देने गांधीनगर स्थित उनके आवास पर पहुंचे।
उसके बाद वह नरेश और महेश कनोडिया के निवास स्थान पर पहुंचक उनको भी श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उसके बाद वह गांधीनगर से केवडिया पहुंचे थे।जहां उन्होंने कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्थसैनिक बलों को सलामी दी उसके देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सबसे पहले देशवासियों को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती की शुभकामनाएं दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश की सैकड़ों रियासतों को, राजे-रजवाड़ों को एक करके, देश की विविधता को आधार भारत की शक्ति बनाकर देश को वर्तमान स्वरूप दिया।इस मौके पर उन्होंने कहा कि जब मैं अर्धसैनिक बल के सलामी को देख रहा था तब मुझे पुलवामा हमले की याद आई। उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर विपक्ष पर जमकर हमला बोला पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलवामा में देश की रक्षा की खातिर अपनी जान की कुर्बानी देने वाले जांबाज जवानों को देश कभी नहीं भूल सकता। उनके दुख में हम शामिल थे लेकिन कुछ लोग इस दुखद वक्त में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे।