सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। गांवों की राजनीति में पिस गये ग्राम पंचायत कोटवाधाम व अमनियापुर के एक सैकड़ा बिना छत वाले गरीब जंहा एक तरफ केंन्द्र व राज्य सरकार गांव के सभी के सर पर छत होने का संकल्प लेकर प्रधानमंत्री आवास मुख्य मंत्री आवास योजना चला कर गरीबों को आवास दे रही है। वहीं कोटवाधाम ग्राम पंचायत मे सैकड़ों परिवार ऐसे हैं जो कच्ची दीवाल ओर पन्नी के सहारे बरसात में अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ जीवन यापन करने को बिवस है। कारण गांव की गन्दी और घिनौनी राजनीति के चलते उनके नाम ही आवास की पात्रता सूची में नदारद है।
सूत्र बताते हैं कि कोटवाधाम में आवास आवंटन की तीस की सूची थी जिसमें 12 अपात्र बताये जा रहे । इस पंचायत में कोटवाधाम व अमनियापुर दो गांव मिलाकर ग्राम पंचायत गठित है। अमनियापुर गांव में सामान्य जाति के तीन दर्जन ऐसे परिवार हैं जो गरीबी का दंश झेलते हुये आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें सर पर छत मयस्सर नहीं है।कच्ची दीवारों पर पन्नी तिरपाल बांस सेंठा के कढीर के सहारे परिवार जीवन यापन कर रहे है।अमनियापुर गांव के रामचन्द्र तिवारी जो कि अखबार बेंचने का काम करके किसी प्रकार परिवार की दो वक्त की रोटी जुटा पाते हैं दीवाल पर पन्नी डाल परिवार के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।इसी गांव के सामान्य वर्ग के तथा दलित पिछड़े वर्ग के दर्जनों लोग इसी तरह से जीवन यापन कर रहे हैं। कोटवाधाम के नन्हा रावत पुत्र स्वर्गीय रामलखन दुर्गेश रावत मनोरथ सोहनलाल गौतम पुत्र मुटरू श्यामू रामू नान्ह पुत्रगण स्वर्गीय गुल्ले कश्यप के अलावा दीपक पुत्र स्वर्गीय छोटेलाल बब्लू सुनीत सहित दर्जनों गरीब प्रधानमंत्री मुख्य मंत्री आवास पाने की आश लगाये बैठे हैं।किन्तु गांव के आवास की सूची में नाम न होने से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त की जा रही सभी के सर पर होगी छत की सुविधा पाने से वंचित हैं। ग्राम पंचायत सदस्या श्रीमती कमलादेवी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग किया है कि गांव की गन्दी राजनीति में बिना छत के रह रहे सैकड़ों परिवारों की निष्पक्षता के साथ जांच कराकर उन्हें आवास की पात्रता सूची में सूचीबद्ध कराकर 22 के चुनाव से पहले विना छत वाले परिवारों को सरपर छत मयस्सर करवायी जाय ।