वन विभाग का अजब खेल, प्रतिबंधित पेड़ों की कटान पर चुप्पी, यूकीलिप्टस पर वसूली के आरोप
यूकीलिप्टस के स्वयं लगाए पेड़ काटने पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप वीडियो बनने पर किसान व पत्रकार से बदसलूकी, मोबाइल छीनने का आरोप
निष्पक्ष जन अवलोकन।
रत्नाकर पांडेय।
टिकैतनगर, बाराबंकी। वन विभाग पर पर्यावरण संरक्षण के बजाय वसूली को प्राथमिकता देने के आरोप एक बार फिर चर्चा में हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बीते कई वर्षों में नीम, बरगद, महुआ, इमली और आम के बागों में बड़े पैमाने पर हुई कटान के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जबकि छूट की श्रेणी में आने वाले यूकीलिप्टस के पेड़ों की कटान को लेकर किसानों को परेशान किया जा रहा है।
ताजा मामला टिकैतनगर थाना क्षेत्र के बनगांवा झील के निकट का है। आरोप है कि किसान मुन्नऊ उर्फ मोहम्मद रियाज पुत्र रज्जू अपनी भूमि गाटा संख्या 1464/1465 व 1468 पर लगभग 20 वर्ष पूर्व लगाए गए यूकीलिप्टस के पेड़ों को बेटी की शादी के लिए कटवा रहे थे। इसके लिए उन्होंने उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट से अनुमति प्राप्त की थी। एसडीएम द्वारा संबंधित अनुमति पत्र थाना टिकैतनगर एवं वन विभाग को भी प्रेषित किया गया था।
आरोप है कि पेड़ों की कटान शुरू होने के बाद सादी वर्दी में पहुंचे एक व्यक्ति ने स्वयं को वन विभाग का कर्मचारी बताते हुए 50 हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार जब मौके पर मौजूद लोगों एवं मीडिया कर्मियों ने इसका वीडियो बनाना शुरू किया तो संबंधित व्यक्ति भड़क गया और एक पत्रकार का मोबाइल छीन लिया। हालांकि ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद मोबाइल वापस कर दिया गया, लेकिन गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
बताया जाता है कि मामले का वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से किसान के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और हाथापाई का आरोप लगाते हुए थाना टिकैतनगर में तहरीर भी दी गई। इस घटना की जानकारी मिलने पर पत्रकार प्रेस महासंघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शुक्ला एवं प्रदेश उपाध्यक्ष आर.एन. शर्मा ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि हाल ही में टिकैतनगर, रानीकटरा और बारिनबाग क्षेत्र में प्रतिबंधित प्रजाति के सैकड़ों पेड़ों की कटान की शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन उन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके विपरीत छूट की श्रेणी में आने वाले यूकीलिप्टस के पेड़ों की कटान को लेकर किसान को परेशान किया जा रहा है।
मामले को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) आकाश बाधवान से बातचीत की गई तो उन्होंने रेंजर को तलब कर मामले की जानकारी लेने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट ने भी यूकीलिप्टस के पेड़ों को लेकर इस प्रकार के व्यवहार पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए इसे अनुचित बताया।
मामले की सत्यता एवं आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।









