पद्मश्री सम्मान की हुई घोषणा खुशी मना रहा है पुरा गांव

पद्मश्री सम्मान की हुई घोषणा खुशी मना रहा है पुरा गांव

कबीर की सरजमीं के सपूत को पद्मश्री सम्मान की हुई घोषणा तो जिले के साथ ही पैतृक गांव में भी झूम उठे ग्रामीण - जिले के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवम् सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डा उदय प्रताप चतुर्वेदी ने दी बधाई - पद्मश्री के लिए चयनित कृषि वैज्ञानिक रामचेत चौधरी अपना दल एस व्यापार मंच के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर चौधरी के है बड़े पिता निष्पक्ष जन अवलोकन संत कबीर नगर । देश से विलुप्त हो रहे काला नमक धान को संजीवनी देने का श्रेय विख्यात कृषि वैज्ञानिक रामचेत चौधरी को दिया जाता है। विदेशों में कृषि निवेश को नया आयाम देने वाले श्री चौधरी ने सेवानिवृति के बाद भी पूर्वांचल की सरजमीं पर प्रसिद्ध काला नमक धान की प्रजाति को विकसित करने के लिए जो संघर्ष और तपस्या किया उसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने उन्हें उनकी अद्भुत प्रतिभा के लिए पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया है। श्री चौधरी अपना दल एस व्यापार मंच के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर चौधरी के बड़े पिता हैं। पद्मश्री घोषणा होने के बाद ही उनके गृह जनपद संतकबीरनगर और उनके पैतृक गांव झिंगुरापार से लेकर पूर्वांचल में ख़ुशी की लहर देखने को मिली है। खलीलाबाद सदर के पूर्व विधायक एवम् वरिष्ठ सपा नेता दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे, जिले के सबसे प्रतिष्ठित समाजसेवी एवम् सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डा उदय प्रताप चतुर्वेदी, एसआर के एमडी राकेश चतुर्वेदी, आरपी यादव ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन कृष्णचंद्र यादव "केसी", सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष एवम् अंतरराष्ट्रीय शायर असद महताब, भाजपा महुली मंडल अध्यक्ष राजीव गुप्ता, सपा के जिला महासचिव नित्यानंद यादव, झिंगुरापार के पूर्व प्रधान उदयभान चौधरी, वर्तमान प्रधान फिरोज अहमद उर्फ चुन्नू, भाजपा नेता इंद्रजीत चौधरी, उनके अनुज भवानी प्रसाद चौधरी, छोटेलाल यादव, अक्षैबर चौधरी, राम यज्ञ चौधरी सहित तमाम ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई दिया है। वही अपना दल एस सुप्रीमो अनुप्रिया पटेल और संतकबीरनगर के लोकसभा सांसद प्रवीण निषाद ने अपने ट्विटर हैंडल पर अंतरराष्ट्रीय कृषि वैज्ञानिक रामचेत चौधरी को बधाई दी है। विदित है कि काला नमक धान को नया जीवन देने वाले प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक रामचेत चौधरी को भारत सरकार ने पद्मश्री देने की घोषणा की है। प्रसिद्ध कला नमक चावल को संरक्षित करने में उन्होंने लगभग तीन दशक तक गहन शोध करते हुए संघर्ष किया है। अपना दल की सुप्रीमो अनुप्रिया पटेल ने ट्विटर पर अपने बधाई संदेश में लिखा है कि काला नमक धान को नया जीवन देने वाले प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक श्री राम चेत चौधरी जी को भारत सरकार ने पद्मश्री देने की घोषणा की है। कबीर की सरजमीं के सपूत को तथागत बुद्ध के महाप्रसाद के रूप में प्रसिद्ध कालानमक चावल को संरक्षित करने में उन्होंने लगभग 30 वर्षों तक संघर्ष किया। डॉक्टर चौधरी के कृषि आधारित 56 शोधपरक किताबें एवं 390 अनुसंधान अब तक प्रकाशित हो चुके हैं। उनके द्वारा प्रकाशित लगभग 45 पुस्तकों को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सम्मान एवम् पुरस्कार भी मिले हैं। डॉक्टर चौधरी 11 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थाओं के सदस्य भी हैं। समस्त ग्रामवासियों की तरफ से उन्हें पद्मश्री पुरस्कार की बहुत बहुत बधाई व शुभकामनाएं।